सेवा, श्रद्धा और समर्पण का अनूठा संगम
सावन के प्रत्येक रविवार युवा समिति निभा रही मानव सेवा का संकल्प, दूर-दराज से पहुंचे कांवड़ियों ने सराहा अनुशासित आयोजन
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। सावन मास में भगवान भोलेनाथ की भक्ति के साथ सेवा और समर्पण की मिसाल यदि कहीं साकार रूप में दिखाई देती है, तो वह गरियाबंद के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ धाम में है। यहां श्री भूतेश्वरनाथ युवा भंडारा समिति द्वारा लगातार सातवें वर्ष सावन के प्रत्येक रविवार को हजारों श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के लिए विशाल निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धा, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा की भावना से प्रेरित यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानव सेवा का एक प्रेरणादायी अभियान बन चुका है।


रविवार को सुबह से ही भूतेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा सहित पड़ोसी राज्यों से आए हजारों कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर दर्शन किए। दर्शन के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद स्वरूप पुलाव, हलवा, चना-राजमा, चावल, कढ़ी एवं स्वादिष्ट सब्जी परोसी गई। भोजन वितरण के दौरान समिति के युवा स्वयंसेवक पूरी विनम्रता और आत्मीयता के साथ प्रत्येक श्रद्धालु की सेवा करते नजर आए।
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गरियाबंद मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर मरौदा गांव के घने जंगलों और हरी-भरी पहाड़ियों के बीच स्थित भूतेश्वरनाथ धाम प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत केंद्र है। यहां स्थित विशाल स्वयंभू शिवलिंग विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंगों में गिना जाता है। सावन के दौरान यह धाम पूरी तरह शिवमय हो उठता है। मंदिर परिसर में गूंजते “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “बम-बम भोले” के जयघोष श्रद्धालुओं की आस्था को और भी प्रगाढ़ बना देते हैं।

समिति के सदस्य सुबह से देर रात तक भोजन प्रसाद की तैयारी, खाद्य सामग्री की व्यवस्था, पेयजल, बैठने की सुविधा, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में जुटे रहते हैं। भंडारा दोपहर से प्रारंभ होकर देर शाम तक चलता है, ताकि धाम पहुंचने वाला कोई भी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण किए बिना वापस न लौटे। इस वर्ष समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल किट एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की है, जिससे यात्रा के दौरान अस्वस्थ होने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

समिति के अध्यक्ष दीप सिन्हा ने बताया कि बाबा भूतेश्वरनाथ की कृपा, समाज के सहयोग और युवाओं की सेवा भावना से यह आयोजन लगातार सात वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना ही उनके लिए भगवान शिव की सच्ची आराधना है। हर वर्ष समाज का सहयोग बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में नए युवा भी समिति से जुड़कर इस सेवा अभियान को और मजबूत बना रहे हैं। हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करते देख पूरी टीम को आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा मिलती है।
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भूतेश्वरनाथ धाम का यह आयोजन आज केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और मानव सेवा का जीवंत उदाहरण बन गया है। यहां पहुंचने वाला हर श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के साथ-साथ सेवा, सहयोग और समर्पण की उस संस्कृति का भी अनुभव करता है, जो भारतीय समाज की सबसे बड़ी पहचान है। सात वर्षों से निरंतर चल रहा यह सेवा अभियान क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है और आने वाले समय में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देने की तैयारी भी समिति द्वारा की जा रही है।
भंडारा समिति के प्रमुख सदस्य दीप सिन्हा, प्रकाश सोनी, अनुराग केला, टायसन सिन्हा, सूरज सिन्हा, राहुल सिन्हा, अजय सिन्हा, गौरव पटेल, मोनू सिन्हा, राहुल साहू, रिक्की गुप्ता, पंकज सिन्हा, युगल शर्मा, भावेश सिन्हा, भानु राजपूत, गोविंद सिन्हा, हरीश ठक्कर, महेंद्र उइके, हेमंत सिन्हा, लव पाण्डेय, आदित्य यादव, वीरू यादव, आशु राजपूत, आशु कंसारी, प्रांजल ठाकुर, क्षितिज गुप्ता, हर्षित अग्रवाल, केशु सिन्हा, शेषनारायण देवांगन, सुनील यादव, नमन सिन्हा एवं कान्हा सोनी सहित अनेक युवा पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इस सेवा अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।




