15वें वित्त की राशि से बिना तकनीकी स्वीकृति काम कराने का मामला, अभिलेखों और पंचायत बैठकों में भी मिली गंभीर अनियमितताएं; 8.83 लाख की वसूली का आदेश
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली शासकीय राशि के उपयोग में नियमों की अनदेखी किस तरह भारी पड़ सकती है, इसका मामला गरियाबंद जिले की ग्राम पंचायत उरमाल में सामने आया है। पंचायत के कामकाज और वित्तीय अभिलेखों की जांच के बाद जिला पंचायत गरियाबंद ने पंचायत सचिव सत्यरंजन हंसराज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 25 सितंबर 2026 को जारी आदेश में सचिव को पद से बर्खास्त करने के साथ 8 लाख 83 हजार 175 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया है।
तकनीकी स्वीकृति के बिना कराया गया काम
जिला पंचायत के आदेश में 15वें वित्त आयोग के ग्राम पंचायत स्तर के मद से कराए गए कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर सवाल उठाए गए हैं। आदेश के अनुसार, तकनीकी स्वीकृति के बिना कार्य कराए जाने और पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कराने में नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात जांच में सामने आई।
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जांच में अलग-अलग कार्यों में राशि के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में 15वें वित्त आयोग से विभिन्न मदों में राशि खर्च किए जाने तथा कुछ कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं होने की बात दर्ज है।

अभिलेखों ने भी बढ़ाई मुश्किल
मामला केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहा। पंचायत के अभिलेखों के संधारण और बैठक कार्यवाही पंजी में भी कई खामियां जांच के दौरान सामने आईं।
आदेश में ग्राम पंचायत की बैठकों की कार्यवाही पंजी में प्रस्तावों के संबंध में कमियां, कार्यवाही का समुचित संधारण नहीं किए जाने तथा कुछ स्थानों पर सरपंच एवं पंचों के हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान नहीं होने जैसी बातों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा पंचायत बैठकों की कार्यवाही और प्रस्तावों के संधारण में भी अनियमितता का उल्लेख है।
8.83 लाख रुपए की राशि वसूली योग्य पाई गई
जांच में सामने आए विभिन्न वित्तीय मामलों और राशि के उपयोग को देखते हुए आदेश में कुल 8,83,175 रुपये की राशि वसूली योग्य पाई गई है। आदेश में इस राशि की वसूली किए जाने का निर्देश दिया गया है।
यह आंकड़ा पहले सामने आए 83,175 रुपये से अलग है। आधिकारिक आदेश में राशि 8,83,175 रुपये दर्ज है, इसलिए समाचार में इसी राशि को आधार बनाया जाना उचित है।

नियमों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई
जिला पंचायत के आदेश में उल्लेख है कि सचिव सत्यरंजन हंसराज द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा से संबंधित नियमों और पंचायत के कामकाज में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। मामले में विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत कार्रवाई की गई।
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आदेश के अनुसार सचिव को ग्राम पंचायत सचिव (पंचायतकर्मी) के पद से बर्खास्त किया गया है। साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
पंचायतों के लिए भी कार्रवाई बनी संदेश
उरमाल पंचायत में हुई कार्रवाई ने पंचायत स्तर पर शासकीय राशि से होने वाले विकास कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय नियमों और अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण की अहमियत को सामने ला दिया है।
जिला पंचायत के आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने के साथ ग्राम पंचायत उरमाल से संबंधित अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। अब इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पालन को लेकर निगरानी और सख्त होने की संभावना है।





