वार्ड क्रमांक 06 में नाली तोड़कर अतिक्रमण किए जाने का आरोप, गंदे पानी और गंदगी से परेशान रहवासी; नगर पालिका एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
यदिंद्रन नायर
बीजापुर (गंगा प्रकाश)। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 06 में पाम्बोई पेट्रोल पंप के पीछे नाली की बदहाली और कथित अतिक्रमण का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। वार्डवासियों का आरोप है कि जमीन पर कब्जे का हवाला देते हुए पहले से निर्मित नाली को तोड़कर उसके हिस्से पर कब्जा किया जा रहा है। लोगों ने इस मामले में कथित भूमाफिया की गतिविधियों के साथ राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताते हुए नगर पालिका और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करते, तो क्षेत्र में नाली और जल निकासी को लेकर ऐसी स्थिति नहीं बनती।
नाली तोड़ने और कब्जे का आरोप, तस्वीरों में दिख रही बदहाली
मौके से प्राप्त तस्वीरों में नाली के भीतर गंदा पानी और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। नाली के आसपास टूटे निर्माण के अवशेष, बिखरी गंदगी और टीन की चादरों से की गई घेराबंदी भी नजर आती है। इन परिस्थितियों को लेकर वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि नाली को नुकसान पहुंचाकर जल निकासी का रास्ता प्रभावित किया गया है।
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वार्डवासियों का कहना है कि जमीन पर निजी कब्जे का दावा करने मात्र से सार्वजनिक उपयोग की नाली को तोड़ने या उसकी दिशा बाधित करने का अधिकार नहीं मिल जाता। यदि संबंधित भूमि को लेकर विवाद है, तो उसका समाधान राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों और आधिकारिक सीमांकन के आधार पर होना चाहिए। वार्डवासियों ने मांग की है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर नाली की वास्तविक सीमा स्पष्ट करे।

भूमाफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप
इस मामले में वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि कथित भूमाफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक नाली को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तो प्रशासन को बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
रहवासियों ने सवाल उठाया है कि आखिर नाली को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की जानकारी नहीं है, या शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है? वार्डवासियों ने इन सवालों का जवाब सार्वजनिक रूप से देने की मांग की है।
गंदे पानी से परेशान वार्डवासी, घरों में बीमारी की शिकायत
वार्डवासियों का कहना है कि नाली से गंदे पानी की निकासी का उचित रास्ता नहीं होने के कारण क्षेत्र में गंदगी बनी रहती है। नाली में जमा गंदा पानी और आसपास फैले कचरे से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड के घरों में आए दिन कोई न कोई व्यक्ति बीमारी से परेशान हो रहा है, जिससे परिवारों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
रहवासियों ने मांग की है कि नाली की तत्काल सफाई कराई जाए, गंदे पानी की निकासी सुचारु बनाई जाए और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से भी स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है।

वार्डवासियों ने उठाई आवाज
इस मामले में अपनी परेशानी सामने रखने वाले वार्डवासियों में मनोहर गुरला, गुज्जा पवार, अरविंद, वेल टेकेश्वर गुरला, महेश गुरला, राकेश गुरला, हमानैय्या अगनपल्ली, राजकुमार विश्वकर्मा और जय कुमार नायर शामिल हैं।
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इनका कहना है कि नाली की समस्या के कारण क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासियों ने नगर पालिका और राजस्व विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर भूमि की सीमा निर्धारित करने, नाली को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
नगर पालिका और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल
वार्डवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष, वार्ड पार्षद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि नाली की स्थिति और कथित अतिक्रमण की जांच कराकर लोगों को राहत दिलाना जरूरी है।
यदि नाली सार्वजनिक भूमि पर निर्मित है और जांच में उस पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि भूमि के स्वामित्व को लेकर विवाद है, तो राजस्व विभाग को दस्तावेजों के आधार पर सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अब सवाल—कार्रवाई होगी या आरोपों में ही उलझा रहेगा मामला?
वार्ड क्रमांक 06 का यह मामला अब केवल नाली की सफाई तक सीमित नहीं रह गया है। यह सार्वजनिक निर्माण की सुरक्षा, भूमि की सीमा, कथित अतिक्रमण और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा विषय बन गया है। वार्डवासियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और भूमाफिया अतिक्रमणकारी व्यक्ति के दबाव के बिना उचित कार्रवाई की जाए।
क्या नगर पालिका और राजस्व विभाग मौके पर पहुंचकर नाली का सीमांकन कराएंगे? क्या कथित भूमाफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोपों की जांच होगी? और वार्डवासियों को गंदगी तथा जल निकासी की समस्या से कब राहत मिलेगी?
इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर हैं। वार्डवासियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान करेंगे।





