कलेक्टर ने कहा काउन्सलिंग की दर शून्य है
संजय सिंह भदौरिया
सुकमा (गंगा प्रकाश)। सुकमा जिले के कलेक्टर हरीश एस जिले की स्वास्थ्य सुविधा पर लगातार ध्यान दे रहे हैं जिससे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुधार हो सके व जिले के निवासियों को शासकीय स्वास्थ्य सुविधा का उचित लाभ मिल सके उन्होंने समीक्षा बैठक में आयुष्मान पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की। जिसमें जिला समन्वयक दीपेश दिवान की कार्य के प्रति उदासीनता और असंतोषजनक कार्य शैली पर उन्होंने गहरी नाराजगी जाहिर की। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की कार्ड ब्लाकिंग में कोताही से अस्पताल प्रबंधन, जिला प्रशासन और शासन को भी वित्तीय नुकसान हुआ है। इस संबंध में दीपेश दीवान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही दो परिवार नियोजन काउन्सलर को कार्य के प्रति लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के लिए महिलाओं को प्रथम एएनसी से ही काउन्सलिंग की जरुरत होती है। बिते एक माह में काउन्सलिंग किए गए मरीजों की जानकारी प्रस्तुत करने की बात पर, काउन्सलर द्वारा किसी प्रकार की जानकारी उपलब्ध नहीं की गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रति माह में जिला अस्पताल में लगभग 100 प्रसव हो रहे है, जबकि उसके एवज में काउन्सलिंग की दर शून्य है।

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