गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)।भाजपा नेता सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी बोधन राम साहू ने केन्द्र सरकार की वन नेशन-वन इलेक्शन को काफी सुझ-बुझ से लिया जाने वाला निर्णय मानते हुए कहा है कि भारत में करीब 28 राज्य है आठ संघ शासित राज्य है। उक्त राज्यों में 5 वर्ष तक लगातार विधानसभा चुनाव होते रहते है। विधानसभा, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, सरपंच के चुनाव सहित तरह-तरह के चुनाव लगातार होने रहते है जिससे बहुत अधिक धन और समय की बर्बादी होती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री साहू ने कहा कि इन सभी चुनाव में स्थानीय प्रशासन की बड़ी भूमिका रहती है क्योंकि वह सब चुनाव आयोग के अंतर्गत हो जाते है। चुनाव के पूर्व आचार संहिता लग जाती है और आचार संहिता लगने के बाद सभी विकास के कार्यो की गति बहुत धीमी हो जाती है क्योंकि प्रशासकीय कर्मचारी चुनाव में व्यस्त हो जाते है और चुनाव व्यस्त में होने के कारण वे विकास के कार्यो की ओर ध्यान नहीं दे पाते, ऐसी स्थिति में समय का बहुत बड़ा नुकसान होता है और इस नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। श्री साहू ने कहा कि जब भी कहीं चुनाव की घोषणा होती है वहां तीन माह पूर्व से ही आम जनता के कार्यो के चुनाव है कहकर टाला जाता है। शासन किसी नए कार्यो की घोषणा नहीं कर सकता उसे प्रारंभ नहीं कर सकता। चुनाव के पूर्व शासकीय अधिकारी मतदाता का पुनरीक्षण करते है। नया नाम जोड़ने है जो दिवंगत हो गए उनके नाम को हटाते है। 18 वर्ष आयु के युवक-युवतियों के नाम जोड़ते है। घर-घर जाकर सर्वे करते है इसमें अत्याधिक समय का नुकसान होता है। बोधन राम साहू ने कहा कि सबसे बड़ी बात क्या है विधानसभा के लिए अलग मतदाता जिला पंचायत के लिए अलग मतदाता सरपंच चुनाव जिला जनता पंचायत के लिए अलग मतदाता नगर पालिका निगम की अलग-अलग मतदाता तरह से अलग-अलग मतदाताओं का मतदाता सूची बनाना एक बड़ा कठिन दुष्कर व समय खाने वाला कार्यक्रम है। इन सभी कामों में काफी समय काफी धन खर्च के साथ साथ विकास कार्यो में रूकावट व आम जनता को काफी परेशानी होती है। भाजपा नेता बोधन राम साहू ने कहा कि इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वन नेशन वन इलेक्शन नीति पर गंभीरता पूर्वक सोच विचार कर कानून सम्मत निर्णय लिया जाना वक्त की मांग एवं जरूरत है।
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