नई दिल्ली । यह सम्मेलन हर साल प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और वार्षिक कार्यक्रम की मेजबानी करने वाली राज्य सरकारों में से एक के सहयोग से आयोजित किया जाता है। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल 8 और 9 अगस्त को मुंबई में 27वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस (एनसीईजी) सम्मेलन के की मेजबानी करने पर सहमति जताई है।
राष्ट्रीय सम्मेलन एक महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (एनएईजी) प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष के पुरस्कारों में कुल 9 स्वर्ण, 6 रजत और 1 जूरी पुरस्कार शामिल होंगे, जो ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान और नवाचारों को मान्यता देते हैं। विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत प्राप्त 375 नामांकनों में से इन परियोजनाओं का चयन किया गया।
इस वर्ष के सम्मेलन का विषय है “सुरक्षित और सतत ई-सेवा वितरण को आकार देना”। यह विषय भारत की ई-गवर्नेंस से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर देता है, ताकि मजबूत और सतत ई-सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।
महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे दो दिनों तक चलने वाले विचार-विमर्श और चर्चा के लिए सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। समापन सत्र में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, महाराष्ट्र सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन, माईगव, राष्ट्रीय सूचनाविज्ञान केंद्र (एनआईसी), नैसकॉम के उद्योग प्रमुख, स्टार्ट-अप, ई-गवर्नेंस क्षेत्र के विचारक इस दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे। 27वें एनईजीसी में पुरस्कृत परियोजनाओं के साथ-सा केंद्र, राज्य सरकारों और स्टार्ट-अप द्वारा तैयार की गई परियोजनाओं की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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