फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। नगर पंचायत फिंगेश्वर में इन दिनों जन कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन तथा लोगों की छोटी-छोटी समस्याओ का निराकरण नहीं हो पा रहा है। फिंगेश्वर नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को फिंगेश्वर के साथ नगर पालिका गरियाबंद तथा नगर पंचायत राजिम का प्रभारी बनाया गया है जिसके कारण से मूल रूप से पदस्थ नगर पंचायत फिंगेश्वर का काम ठप पडा हुआ है उसी प्रकार उप अभियन्ता नगर पंचायत फिंगेश्वर को फिंगेश्वर के अलावा नगर पंचायत छुरा का भी प्रभार दिया गया है। जिससे निर्माण कार्यों का सही मानिटरिंग नहीं हो पाने से निर्माण कार्यों के गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। शासन द्वारा विगत एक-दो महिनों में थोक रूप से नगर पालिका अधिकारी एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है उसके बावजूद भी अधिकारी को मूल पदस्थापना के अलावा अन्य स्थानीय निकाय का प्रभार देने से मूल रूप से पदस्थ निकाय के कार्य व्यायपक रूप से प्रभावित हो रहा है। आसन्न चुनाव को देखते हुए शासन के इस तरह के कार्य सत्ता सीन पार्टी के हित में नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी समय पर लोगों की समस्याओं का निराकरण अधिकारी नहीं रहने से नहीं करा पा रहे है जिसका खामियाजा आने वाले चुनाव में इन जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ सकता है जिसके लिए जनप्रतिनिधि चिन्तित है। फिंगेश्वर नगर पंचायत सीएमओ तथा उप अभियंता के पास दो अन्य नगर पालिका एवं नगर पंचायत का प्रभार होने से पूरा-पूरा समय नगर पंचायत फिंगेश्वर में नहीं दे पा रहे हैं जिससे अन्य कर्मचारी बेपरवाह हो गये हैं जिसके कारण से प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति भुगतान नहीं हो पाने से रूक गया है लोग विद्युत कनेक्शन लगाने एनओसी के लिए चक्कर काट रहे हैं हितग्राही अपने-किस्तों के लिए चक्कर काट रहे है तथा अन्य नाली, बिजली व पानी जैसी छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण अधिकारी नहीं होने से नहीं हो पा रहा है। शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और फिंगेश्वर नगर पंचायत में मूल रूप से पदस्थ सीएमओ एवं उप अभियंता को अन्य निकाय से मुक्त करना चाहिए। नहीं तो आने वाले चुनाव में निश्चित रूप से नागरिको के रोष का खामियाजा सत्तारूढ़ पार्टी को भुगतना पड़ेगा।
There is no ads to display, Please add some


