फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)।थानाक्षेत्र अंतर्गत एक मामले में पुलिस को अजीबो गरीब ढंग से रूबरू होना पड़ा। पुलिस थाना फिगेंश्वर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति अपनी पत्नी की किसी के द्वारा हत्या करती न टुकड़े कर दिए जाने की शिकायत की।थाना प्रभारी पवन वर्मा, एसएसआई चिंताराम देशमुख सक्ते में आ गया और फौरन उस शिकायतकर्ता को साथ लेकर उनके बताए अनुसार खेमन कोशरे निवास ग्राम चरौदा सतनामी पारा पहुंचा।शिकायतकर्ता रतन दास सतनामी ग्राम बम्हनी ने पुलिस को बताया था कि खेमन सतनामी चरौदा अन्य ने मेरे वर्तमान निवास रायपुर पहुंचकर जानकारी दी कि तुम्हारी पत्नी रेणुका सतनामी की किसी ने हत्या करती न तुकड़े कर दिया है।इसलिए रायपुर से इस्पेशल गाड़ी किराए कर फिगेंश्वर थाना पहुंचा हु।फिगेंश्वर थाना प्रभारी पवन वर्मा ने कहा कि रतन दास सतनामी थाना पहुंचकर शिकायत की।जिसकी तस्दीक के लिए चरौदा पहुंचे हैं।जो झुठा निकला।इन्होंने पुलिस को गुमराह किया है।लिखित शिकायत नहीं हुई है।खेमन परिवार एवं सतनामी परिवार के लोग पुलिस पर भड़क गए कहा कि आप लोग कम से कम कोटवार को फोन कर औपचारिक तस्दीक कर लिए होते।इसतरह की कोई जानकारी नहीं दी है, नही कोई ऐसा घटना घटी है।पुलिस को इसने गुमराह किया है।इस पर पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए।वहीं पुलिस ने उसकी पत्नी रेणुका से फोन से बात की तब पुलिस ने राहत की सांस ली।दरअसल रतनदास का चरौदा में ससुराल है, खेमन के बहन से शादी हुई है जिसके दो बच्चे हैं।फिलहाल रतनदास को पुलिस गुमराह करने के आरोप में थाना जरूर ले गयी। लेकिन बाद में छोड़ दिया।उस पर कार्रवाई नहीं होने से चरौदा में पुलिस के प्रति नाराजगी जताई है।जानकारो के अनुसार पुलिस में झूठी शिकायत देने वालों को एक साल तक की सजा का प्रावधान है।पहले धारा 182 आई पीसी और वर्तमान कानूनों के तहत धारा 217 बीएनएस के अनुसार पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है।ऐसे लोगों पर सिंकंजा कसने के बजाय पुलिस शिथिलता बरत रही है।
There is no ads to display, Please add some


