Cgnews: गरियाबंद पुलिस की नई पहल “कॉप ऑफ द मंथ” बनी उदाहरण, उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को मिला सम्मान
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस विभाग द्वारा अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। ‘कॉप ऑफ द मंथ’ नामक इस अनूठी योजना के तहत जिले के उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को हर माह सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, सतर्कता और सेवा भावना का परिचय दिया है।

माह अप्रैल 2025 के लिए “कॉप ऑफ द मंथ” के रूप में चुने गए पुलिसकर्मियों ने न केवल गंभीर आपराधिक मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया, बल्कि अपने कार्यों से विभाग का मान और आमजन का विश्वास भी बढ़ाया। इन सभी जवानों को गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
लूट के आरोपी को धर दबोचा – प्रधान आरक्षक थानेश्वर वर्मा का सराहनीय कार्य
थाना पांडुका में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 86 थानेश्वर वर्मा ने थाना गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत छिन तालाब के पास एक वृद्ध व्यक्ति से हुई एक लाख रुपए की लूट के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उनके सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण पीड़ित को न्याय मिल सका और आम नागरिकों में विश्वास की भावना प्रबल हुई।
23 किलो गांजा बरामद – मैनपुर के आरक्षक प्रवीण वर्मा की बड़ी सफलता
नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को आगे बढ़ाते हुए आरक्षक क्रमांक 697 प्रवीण वर्मा, थाना मैनपुर ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। उन्होंने 23 किलोग्राम गांजा के साथ चार आरोपियों को धर दबोचा। यह बरामदगी न केवल मादक पदार्थ तस्करों के लिए करारा झटका है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के पुलिस विभाग के प्रयासों को भी बल प्रदान करता है।

अवैध शराब के विरुद्ध कठोर कार्रवाई – परमानंद साहू का कमाल
थाना फिंगेश्वर में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 121 परमानंद साहू ने ग्राम मंदबाय से 105 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। परमानंद साहू की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में बड़ी मदद मिली है। ग्रामीणों ने भी इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए पुलिस का आभार जताया।
पॉक्सो केस में संवेदनशील कार्रवाई – कमल नारायण साहू की सूझबूझ
थाना राजिम के आरक्षक क्रमांक 222 कमल नारायण साहू ने एक पॉक्सो एक्ट व बलात्कार के संवेदनशील मामले में पीड़िता की त्वरित दस्तयाबी तथा आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर अपने कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया। इस कार्य के लिए उन्हें विभागीय प्रशंसा ही नहीं, बल्कि आमजन से भी सराहना मिली। कमल नारायण ने जिस मानवीय संवेदना और तत्परता से कार्य किया, वह अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
“कॉप ऑफ द मंथ” से बढ़ेगा मनोबल
गरियाबंद पुलिस की यह पहल विभाग में उत्कृष्टता और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देती है। प्रशस्ति पत्र के माध्यम से न केवल कर्मठ कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से सराहा जाता है, बल्कि यह संदेश भी जाता है कि ईमानदारी, सजगता और तत्परता का सम्मान किया जाएगा। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और वे और अधिक समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “कॉप ऑफ द मंथ जैसी योजनाएं पुलिसकर्मियों में कार्य के प्रति न सिर्फ गर्व की भावना जगाती हैं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच संबंधों को भी प्रगाढ़ बनाती हैं। हमारी कोशिश है कि हर माह ऐसी पहचान और सम्मान की परंपरा जारी रहे।”

पुलिस-जन संवाद का नया अध्याय
‘कॉप ऑफ द मंथ’ एक प्रयास है पुलिस-जन संवाद को और मजबूत करने का। जब आमजन यह देखते हैं कि अच्छे कार्यों के लिए पुलिसकर्मियों को सराहा जा रहा है, तो कानून के प्रति उनका विश्वास और भी मजबूत होता है। साथ ही समाज के लिए काम करने वाले अधिकारियों का हौसला भी दोगुना होता है।
इस पहल को जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है और भविष्य में इसके दायरे को और व्यापक करने की योजना है।




