गाजा पट्टी में भोजन की तलाश में जा रहे 21 लोगों को खाने-पीने का सामान तो नसीब नहीं हुआ, लेकिन उन्हें मौत जरूर मिल गई। बताया जा रहा है कि इजरायल समर्थित एक संगठन से फिलस्तीनी सहायता आपूर्ति प्राप्त करने के लिए जा रहे थे। मगर इसी दौरान उन पर हवाई हमला हो गया। इस दौरान कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी रेडक्रॉस द्वारा संचालित एक अस्पताल ने दी।
मौत के बाद इन लोगों के शवों को अस्पताल में लाया गया। अस्पताल ने बताया कि रविवार को 175 अन्य लोग घायल हो गए। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक पत्रकार ने अस्पताल में इलाज करा रहे दर्जनों घायलों को देखा। घायलों में से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना में घायल हुए दर्जनों लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया।
सहायता केंद्र को लेकर चल रहा विवाद
यह हमला गाजा में मानवीय सहायता वितरण के विवादास्पद तंत्र के तहत हुआ है, जिसे इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित किया गया है। इस तंत्र का उद्देश्य हामास के हाथों में सहायता न जाने देने के लिए है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य प्रमुख सहायता संगठनों ने इसे मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए आलोचना की है। इस घटना ने गाजा में मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है, जहां भूखमरी का खतरा मंडरा रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहायता जीवन रेखा के रूप में आवश्यक है।
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5 दिन पहले भी हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले बीती 27 मई को भी रफह के टेल अल-सुलतान क्षेत्र में एक अन्य गोलीबारी में कम से कम 10 फिलस्तीनियों की मौत हो गई थी और 62 घायल हो गए थे। यह घटना उसी सहायता वितरण स्थल के पास हुई थी, जो इजरायली समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन द्वारा संचालित था। स्थानीय निवासियों के अनुसार इजरायली बलों ने नागरिकों पर गोलीबारी की जो सहायता प्राप्त करने के लिए जा रहे थे। घायलों में से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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