CG: गरियाबंद पुलिस की नई पहल : स्कूली छात्राओं को सिखाया कानून, सुरक्षा और डिजिटल जमाने की समझ
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद जिले की पुलिस इन दिनों बच्चों और छात्राओं को सुरक्षा, कानून और तकनीकी ज्ञान का ऐसा पाठ पढ़ा रही है, जिसकी मिसाल कम ही देखने मिलती है। मैनपुर थाना क्षेत्र के स्कूलों में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मैनपुर विकास पाटले, उप निरीक्षक ज्ञानेश्वर गंगवाल तथा थाना मैनपुर टीम ने दवा पब्लिक स्कूल और शासकीय कन्या माध्यमिक शाला मैनपुर में पहुंचकर छात्राओं को नवीन कानून, एफआईआर की प्रक्रिया, अभिव्यक्ति ऐप, चेतना, यातायात नियम, साइबर फ्रॉड, पॉक्सो एक्ट, नशा मुक्त समाज जैसे विषयों की बारीक जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत अनुविभागीय अधिकारी विकास पाटले के प्रेरक उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा – “आज का युवा अगर कानून की सही जानकारी रखेगा, तो न सिर्फ खुद को सुरक्षित रख सकेगा बल्कि समाज में बदलाव का वाहक भी बनेगा।”
उन्होंने अभिव्यक्ति ऐप और चेतना योजना के बारे में बताया, जिससे महिलाएं व कमजोर वर्ग के लोग सीधे पुलिस से जुड़कर अपनी समस्याएं सुरक्षित तरीके से दर्ज करा सकते हैं।

एफआईआर और पॉक्सो एक्ट की जानकारी पर विशेष जोर
कार्यक्रम में उप निरीक्षक ज्ञानेश्वर गंगवाल ने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा – “एफआईआर का मतलब सिर्फ अपराध दर्ज कराना नहीं है, बल्कि यह पीड़ित को न्याय दिलाने की पहली सीढ़ी होती है। बच्चे इसे समझें और डरें नहीं, तभी वे दूसरों को भी जागरूक कर पाएंगे।”
इसी तरह पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों के साथ होने वाले अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं ने भी इस विषय में बेझिझक सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने उदाहरणों के साथ उत्तर दिया।
साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया का सच
डिजिटल युग में सबसे बड़ा खतरा साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना बनता जा रहा है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को ठगी के नए तरीकों, फेक कॉल, ओटीपी शेयरिंग, लिंक शेयरिंग जैसे मामलों के उदाहरणों के साथ आगाह किया।
उन्होंने कहा – “आपका एक क्लिक आपकी जिंदगी की गोपनीयता छीन सकता है। सोच समझकर डिजिटल दुनिया का उपयोग करें।”
करियर, बैंकिंग और नशा मुक्त समाज पर संवाद
कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा रहा ओपन इंटरेक्शन सेशन, जिसमें छात्राओं ने करियर विकल्प, बैंकिंग सेवाओं के उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा, और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने जैसे विषयों पर सवाल पूछे। अधिकारियों ने उन्हें डिजिटल बैंकिंग से लेकर बैंक खाते के प्रकार, बचत, निवेश और धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी बताए।
साथ ही नशा मुक्त समाज के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा गया कि – “कोई भी समाज तब तक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक उसका युवा नशे से मुक्त और अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक न हो।”
भ्रमण का आमंत्रण और जिम्मेदारी का अहसास
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को थाना मैनपुर के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया गया, ताकि वे पुलिस की कार्यप्रणाली को नजदीक से देख सकें और कानून व्यवस्था की मूल संरचना को समझ सकें। शिक्षकगणों ने इस पहल की सराहना की। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के मन से पुलिस का डर कम कर उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाती हैं।
समाज निर्माण की दिशा में मजबूत कदम
यह जागरूकता अभियान सिर्फ सूचना देने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि हर छात्रा के चेहरे पर आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का संचार करने वाला कार्यक्रम सिद्ध हुआ। छात्राओं ने भी एक स्वर में कहा कि वे कानून का सम्मान करेंगी, अपने अधिकार जानेंगी, और किसी भी घटना को छुपाने के बजाय उचित मंच तक पहुंचाने का साहस रखेंगी।
गरियाबंद पुलिस की यह पहल आने वाले समय में युवा पीढ़ी को सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।