गरियाबंद की शेरनी निशा सिन्हा को “गुरुघासीदास पुरस्कार 2025” – SC/ST पीड़ितों को न्याय दिलाने में शानदार काम – 20 साल की सजा दिलाई 12 मामलों में
रायपुर/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद की शेरनी निशा सिन्हा को “गुरुघासीदास पुरस्कार 2025” – आज़ादी पर्व पर राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य परेड समारोह में गरियाबंद पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) निशा सिन्हा का नाम गर्व से गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पीड़ितों को राहत पहुंचाने और अत्याचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए “गुरुघासीदास पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया। इस सम्मान के तहत उन्हें रनिंग शील्ड, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

निशा सिन्हा – न्याय की नई पहचान
जनवरी 2022 से 2024 तक निशा सिन्हा थाना अजाक में नोडल अधिकारी रहीं, जहां उन्होंने SC/ST एक्ट के तहत दर्ज 43 मामलों की जांच की। इनमें से 12 मामलों में विवेचना पूरी कर माननीय न्यायालय से आरोपियों को 20 साल की सजा और अर्थदंड दिलवाया। सबसे खास बात – इन मामलों के पीड़ितों को त्वरित राहत राशि दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही।
सिर्फ कोर्ट तक नहीं – समाज तक
निशा सिन्हा ने कानून की लड़ाई कोर्टरूम तक सीमित नहीं रखी। बतौर पर्यवेक्षण अधिकारी, उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए गांव-गांव, स्कूल और कॉलेज में पहुंचकर युवाओं और ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड, नशे के दुष्प्रभाव, अभिव्यक्ति ऐप, चेतना अभियान और यातायात जागरूकता के बारे में जानकारी दी।
वर्तमान पदस्थापना
जून 2025 से निशा सिन्हा गरियाबंद में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के रूप में पदस्थ हैं और अपने जुझारूपन और प्रतिबद्धता से जिले में कानून व्यवस्था और सामाजिक चेतना, दोनों मोर्चों पर काम कर रही हैं।
गरियाबंद पुलिस के लिए गौरव का क्षण
इस उपलब्धि से न केवल जिले का नाम रोशन हुआ, बल्कि यह संदेश भी गया कि अगर इच्छाशक्ति और निष्ठा हो, तो न्याय की राह कठिन नहीं होती।