गरियाबंद/धमतरी (गंगा प्रकाश)। उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोंचिंग टीम ने शनिवार देर रात वन माफियाओं की कमर तोड़ने वाली सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने ओडिशा के सोनपुर ज़िले में दबिश देकर सागौन तस्करी के जाल का पर्दाफाश कर दिया।


छापेमारी की बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, विशेष गुप्त सूचना पर गठित टीम ने सोनपुर ज़िले के 6 घरों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी में टीम को भारी मात्रा में लकड़ी व फर्नीचर का अवैध भंडार मिला।
करीब 10 लाख रुपए मूल्य की कीमती सागौन लकड़ी,10 लाख की कीमत के 2 पिकअप वाहन,तस्करी से तैयार सागौन लकड़ी से बने सोफा, कुर्सी और पलंग सभी जब्त किए गए हैं।
कैसे चलता था गोरखधंधा?
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह लंबे समय से रिसगांव रेंज से हरे-भरे सागौन पेड़ काटकर ओडिशा पहुंचाता था। वहां तस्कर इन्हें फर्नीचर में बदलकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। इस नेटवर्क का दायरा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई हिस्सों तक फैला हुआ है।
दो आरोपी हवालात में, नेटवर्क बड़ा
कार्रवाई में टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्र बताते हैं कि इस गिरोह में कई और बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। इस सिलसिले में आगे और भी गिरफ्तारी की संभावना है।
उपनिदेशक वरुण जैन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा – “यह वन विभाग की बड़ी सफलता है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ऐसे सख्त अभियान जारी रहेंगे।”
जंगल की सुरक्षा के लिए बड़ी जीत
यह कार्रवाई न सिर्फ वन विभाग की उपलब्धि है, बल्कि उन लोगों की जीत भी है जो सालों से तस्करों पर नकेल कसने की मांग कर रहे थे। हरियाली की रक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है।