प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। एक सख्त आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि लगातार गैर-हाजिर रहने वाले कर्मचारियों का न सिर्फ वेतन काटा जाएगा, बल्कि उनकी सेवा भी समाप्त की जा सकती है।
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आदेश पत्र में बताया गया है कि पूर्व के निर्देशों के बावजूद अधिकांश जिलों में एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में नहीं पहुंच रहे हैं। विभाग ने इस लापरवाही को ‘लोकहित के विरुद्ध’ और ‘अनुचित’ करार दिया है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHOs) को तत्काल प्रभाव से निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से यह लिखा जाए कि यदि वे जल्द ही कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इसके साथ ही, यह भी निर्देशित किया गया है कि अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन ‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत पर इस माह आहरित न किया जाए।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आम जनता तक पहुंचाने के लिए एनएचएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। कर्मचारियों की लगातार गैर-हाजिरी से योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही थी, जिसके बाद सरकार को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।