छुरा (गंगा प्रकाश)। किताबों की दुनिया से निकलकर जब बच्चे मैदान में उतरे, तो इण्डियन पब्लिक हाई स्कूल, तुमगांव (छुरा) खेलों के जोश और उत्साह से सराबोर नजर आया। 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक चलने वाले वार्षिक खेल उत्सव का शुभारंभ कुछ इस अंदाज में हुआ कि पूरा विद्यालय परिसर तालियों, नारों और मुस्कुराते चेहरों से गूंज उठा।
खेल महोत्सव का उद्घाटन पत्रकारिता जगत की जानी-मानी हस्तियों संतोष जैन, अब्दुल समद खान, प्रकाश कुमार यादव, कुलेश्वर सिन्हा एवं पुनितराम ठाकुर के कर-कमलों से हुआ। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया और कहा— खेल मैदान ही वह पाठशाला है, जहां जीवन की असली परीक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीत पर संयम और हार पर धैर्य रखने की सीख दी।

दौड़ से लेकर जलेबी दौड़ तक, हर खेल में दिखा जोश
चार दिवसीय इस खेल उत्सव को खास बनाने के लिए खेलों को दिवसवार विभाजित किया गया है। दौड़, रिले दौड़, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, क्रिकेट जैसे प्रतिस्पर्धात्मक खेलों के साथ-साथ कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़ जैसी रोचक प्रतियोगिताओं ने मैदान में रोमांच भर दिया। वहीं कैरम और शतरंज में विद्यार्थियों की रणनीति और एकाग्रता देखने लायक रही।
शिक्षा के साथ खेल—यही है स्कूल की पहचान
संस्था प्रमुख प्रीतम साहू, एच.ओ.डी. रेवेंद्र दीक्षित, प्राचार्य शशि तिवारी एवं विद्यालय प्रबंधक श्रीमती प्राची साहू ने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाना है।
इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ की सक्रिय मौजूदगी ने आयोजन को और सफल बनाया। मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह, दर्शकों की तालियां और शिक्षकों का मार्गदर्शन—सब मिलकर इस खेल उत्सव को यादगार बना रहा है।

खेल उत्सव बना छात्रों के लिए यादगार अनुभव
खेल उत्सव के पहले ही दिन विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। अब सभी को 19 दिसम्बर को होने वाले समापन और पुरस्कार वितरण समारोह का बेसब्री से इंतजार है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।
इण्डियन पब्लिक हाई स्कूल, छुरा का यह खेल महोत्सव साबित कर रहा है— जब मैदान सजता है, तभी भविष्य निखरता है!

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