रायपुर। प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनके निवास पहुंचे और नम आंखों से श्रद्धांजलि दी, साथ ही अंतिम संस्कार में कंधा भी दिया। कवि कुमार विश्वास ने भी उनके घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही कई नेता, मंत्री भी पहुंचे।
विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) का 23 दिसंबर 2025 को रायपुर के एम्स में निधन हो गया, जहां वे सांस की समस्या से पीड़ित थे। हाल ही में उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी रचनाएं जैसे ‘नौकर की कमीज’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ समेत पूरे साहित्य जगत की क्षति है। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके स्वास्थ्य पर पहले चिंता जताई। वहीं आज उनके अंतिम संस्कार में सीएम समेत कई नेता मंत्री भी पहुंचे। जहां सभी ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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