सक्ति। केरल के पालक्काड जिले में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए दलित प्रवासी मजदूर का शव मंगलवार देर रात उसके गृहग्राम पहुंचा। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के करही गांव निवासी रामनारायण बघेल (31) का शव हत्या के छह दिन बाद रात करीब 2 बजे गांव लाया गया।
शव के गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बुधवार सुबह ग्रामीणों और परिजनों द्वारा अंतिम दर्शन के बाद रामनारायण बघेल का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।
रामनारायण बघेल रोज़गार के सिलसिले में केरल में मजदूरी करता था। वहां उसकी कथित रूप से मॉब लिंचिंग में हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में आक्रोश का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन शव को वापस लाने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
प्रशासन की ओर से परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। वहीं, घटना को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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