नवीन पाठ्यक्रम व बुनियादी शिक्षा पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
निरीक्षणकर्ताओं ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता व प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर एवं जिला मिशन समन्वयक शिवेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में एफ.एल.एन. अतंर्गत नवीन पाठ्यक्रम एवं बुनियादी शिक्षा पर आधारित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विकासखण्ड स्तरीय एफ.एल.एन. प्रशिक्षण प्राथमिक शाला शिक्षक प्रशिक्षण के अन्तर्गत कक्षा पहली से तीसरी तक अध्यापन कराने वाले शिक्षकों का विकासखण्ड स्तर पर तीन जोन में विभाजन कर पांच दिवसीय गैर आवासीय 15 दिसम्बर से 17 दिसम्बर तथा 19 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक कार्यालय विकाखण्ड स्त्रोत समन्वयक केन्द्र गरियाबंद में किया गया। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गजेन्द्र कुमार धु्रव एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक छन्नू लाल सिन्हा के मार्गदर्शन में शिक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन डाईट रायपुर के उप प्राचार्य श्रीमती संगीता यादव, गरियाबंद के प्रभारी प्रतिभा सोनी, लीना नेम पांडे एवं छुरा प्रभारी नीरजा सातपुते द्वारा प्रशिक्षणार्थियों के बीच पहुंचकर नवीन पाठ्यपुस्तक एवं एफ.एल.एन. आधारित विकासखण्ड स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण का निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन दिए।
इस अवसर पर रायपुर के उप प्राचार्य श्रीमती यादव ने कहा कि एफ.एल.एन. प्रशिक्षण कार्यक्रम 2027 तक चलेगा। इसलिए पुरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण में जो बातें दिखाई जा रही है। उस विषय वस्तु पर उपयोग कक्षा शिक्षण में करें। बच्चों के साथ खुलकर बात करें और पाठ योजना तैयार कर टी एल एम के माध्यम से गतिविधि आधारित शिक्षण कार्य करे। जिससे बच्चों को आसानी से समझ में आ सकें। उन्होंने कहा कि भयमुक्त वातावरण एवं आनंददायक शिक्षा प्रदान करना ही एफ एल एन का मुख्य उद्देश्य है। एफ एल एन राज्य प्रभारी लीना नेम पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चल रहे निपुण भारत मिशन का एक हिस्सा है जिसका उद्देश्य कक्षा तीसरी तक के सभी बच्चों को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय समस्याओं को हल करने मे सक्षम बनाना है।
प्रतिभा सोनी ने कहा कि यह निरीक्षण इस बात को सुनिश्चित करता है कि एफ एल एन प्रशिक्षण प्रभावी ढंग से लागू हो और प्राथमिक स्तर पर बच्चों की सीखने की नींव मजबूत हो सके, छुरा प्रभारी श्रीमती नीरजा सातपुते इस प्रशिक्षण के लाभ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पाठ्यपुस्तक प्रशिक्षण में शिक्षकों को व्यवस्थित शिक्षण प्रदान करने, पाठ्यक्रम कवरेज सुनिश्चित करने और प्रभावी शिक्षण विधियों से लागू करने में मदद मिलती है। जिससे छात्रों की समझ में सुधार होता है और अवसर पर विकासखण्ड मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षार्थी शिक्षक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में एफ एल एन के मास्टर ट्रेनर्स लोकेश्वर सोनवानी, अशोक तिवारी, पुरूषोत्तम लाल साहू, कमलेश कुमार त्रिवेन्द्र, पुनीत राम साहू ,प्रतिभा सकरिया, नीता सार्वा, सुश्री पद्मजा गुप्ता एवं संकुल समन्वयक मनोज चन्द्रकार, प्रशांत कुमार डबली, मृगेन्द्र कुमार बंजारे, रूद्रेश कुमार वैष्णव, तुलजा धु्रव,ऐश्वर्या सिन्हा, डोमार सिंह ठाकुर सहित अधिक संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
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