राजमन कश्यप
नारायणपुर (गंगा प्रकाश)। 09 अप्रैल 2026 को कृषि हितों की रक्षा और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा उर्वरक जमाखोरी और अनियमितताओं के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
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07 अप्रैल को चलाए गए इस आकस्मिक निरीक्षण अभियान के तहत जिले के लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों की गहन जांच की गई। निरीक्षण दल में उप संचालक कृषि *मोनिका ठाकुर* और सहायक संचालक कृषि (उर्वरक निरीक्षक) *शरद कुमार मारकोले* शामिल रहे, जिन्होंने भौतिक स्टॉक का पीओएस मशीन से मिलान कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया।

जांच में सामने आई अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान मेसर्स दीपक कृषि सेवा केन्द्र, पाठक चौक नारायणपुर द्वारा अन्य जिले के किसानों को खाद विक्रय करने का मामला उजागर हुआ। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हथै।
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वहीं, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित एड़का में बिना पर्ची के खाद वितरण, वितरण पंजी का अभाव और स्टॉक में भारी असंगति जैसी अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही समिति का लाइसेंस भी समाप्त पाया गया।

तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई
उक्त गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए समिति की खाद बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों के हित सर्वोपरि
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि जिले में उर्वरक की पारदर्शी और व्यवस्थित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह कार्रवाई न केवल व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि किसानों तक उनका अधिकार समय पर और सही तरीके से पहुंचे।




