मैनपुर के भाटापानी स्थित ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा का मामला, ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की
मैनपुर (गंगा प्रकाश)। मैनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भाटापानी अंतर्गत ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने स्कूल में पदस्थ शिक्षक सतीश कुमार दुबे पर स्कूल समय में कथित रूप से शराब के नशे में पहुंचने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन यानी पीएम पोषण योजना की व्यवस्था पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है तथा उन्होंने शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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स्कूल समय में नशे में पहुंचने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक सतीश कुमार दुबे कथित तौर पर महुआ शराब के नशे में स्कूल पहुंचे थे। स्कूल में शिक्षक के इस कथित व्यवहार की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में नशे की हालत में पहुंचता है तो यह न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और विद्यालय के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
हालांकि शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मध्याह्न भोजन को लेकर भी ग्रामीणों की शिकायत
इसी स्कूल में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है और लंबे समय से बच्चों को मुख्य रूप से दाल-चावल ही परोसे जाने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल में संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था की भी जांच की जाए तथा निर्धारित मेन्यू, भोजन की गुणवत्ता, सामग्री की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
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शिक्षा विभाग से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं मध्याह्न भोजन व्यवस्था में भी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मामले को लेकर मैनपुर बीईओ देवनाथ बघेल का पक्ष भी सामने आया है। अब विभागीय स्तर पर होने वाली जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक पर लगाए गए आरोप और मध्याह्न भोजन से संबंधित शिकायतों में कितनी सच्चाई है।
बच्चों की शिक्षा और पोषण व्यवस्था पर उठे सवाल
विद्यालय बच्चों के शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होता है। ऐसे में शिक्षक के कथित रूप से नशे की हालत में स्कूल पहुंचने तथा बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की व्यवस्था में कथित अनियमितता की शिकायतों ने विद्यालय की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगा।
