निरीक्षण करने पहुंचे थे अधिकारी, ग्रामीणों ने जड़ा ताला
घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत की एक संयुक्त टीम स्कूल की स्थिति का जायजा लेने तमोरी पहुंची थी। जैसे ही अधिकारी स्कूल परिसर में दाखिल हुए, ग्राम तमोरी के सैकड़ों ग्रामीण और कुछ स्थानीय कांग्रेस नेता वहां जमा हो गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया और जर्जर छत से गिरते मलबे की ओर इशारा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते, ग्रामीणों ने कमरे के बाहर से कुंडी लगाकर ताला जड़ दिया।
बंधक बनाए गए लोगों में जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी और जिला पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनके बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। कई बार आवेदन देने के बावजूद नए भवन की स्वीकृति नहीं मिली है, जबकि वर्तमान भवन कभी भी गिर सकता है।
Voices from the Ground / Official Statements
“हमारे बच्चे रोज़ मौत के साये में पढ़ते हैं। प्रशासन ने कागजों पर इस बिल्डिंग को खतरनाक बता दिया, लेकिन नया स्कूल कहां है? आज हमने अधिकारियों को वहीं बंद किया है ताकि उन्हें अहसास हो कि जर्जर छत के नीचे बैठने का डर क्या होता है। जब तक नया भवन मंजूर नहीं होगा, हम इन्हें नहीं छोड़ेंगे।” — रामेश्वर साहू, स्थानीय ग्रामीण, तमोरी
“हमें सूचना मिली है कि तमोरी में टीम को रोका गया है। पलारी पुलिस और तहसीलदार की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। ग्रामीणों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।” — अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पलारी
Impact on Residents / आगे क्या?
फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पलारी थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को तमोरी भेजा गया है। अधिकारियों को मुक्त कराने के लिए प्रशासन ग्रामीणों को लिखित आश्वासन देने की तैयारी कर रहा है। इस घटना ने पूरे जिले के सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। तमोरी मार्ग पर फिलहाल आवाजाही प्रभावित है क्योंकि ग्रामीण स्कूल के बाहर धरने पर बैठे हैं
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