रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। करीब एक साल से जेल में बंद अपने वरिष्ठ नेता से मिलने के बाद भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी व ईओडब्ल्यू पर तीखा हमला बोला।
जेल के बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए बघेल ने कहा कि कवासी लखमा पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक द्वेष के तहत जेल में रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के मंत्री और नेता खुद यह मान रहे हैं कि लखमा निर्दोष हैं, तो फिर उनके खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई और उन्हें एक साल से जेल में क्यों रखा गया है।
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भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लखमा द्वारा दिए गए जवाबों पर अब तक ईडी ने कोई रिप्लाई दाखिल नहीं किया है, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह कार्रवाई केवल प्रताड़ना के उद्देश्य से की जा रही है। भाजपा नेताओं द्वारा दिखाए जा रहे सहानुभूति को उन्होंने “घड़ियाली आंसू” करार दिया।
गांधी को लेकर भाजपा पर हमला
नई योजना जी-राम-जी (G-RAM-G) और विकसित भारत अभियान से जुड़े विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा की विचारधारा पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी की विचारधारा को बर्दाश्त नहीं कर पाती। मनरेगा का जिक्र करते हुए बघेल ने कहा कि यह योजना गांवों को सशक्त बनाने वाली थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार ने एक भी नया काम स्वीकृत नहीं किया। अब गांधी जी के नाम और उनकी सोच को योजनाओं से हटाने की कोशिश की जा रही है।
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