गरियाबंद/मैनपुर (गंगा प्रकाश)। नक्सल प्रभावित मैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को माओवादी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। ग्राम बडेगोबरा के सांपसाटी नामक दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में नगदी, हथियार, गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 ऑप्स टीम और डीआरजी जिला धमतरी की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी सूचना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। पूछताछ में पता चला कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के शीर्ष लीडरों द्वारा थाना मैनपुर अंतर्गत ग्राम बडेगोबरा के सांपसाटी जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हथियार, नगदी और अन्य सामग्री डम्प कर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने संभावित स्थानों को चिन्हित किया और संयुक्त सर्च ऑपरेशन की योजना बनाई।
ई-30 ऑप्स और डीआरजी की संयुक्त कार्रवाई
दिनांक 28 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय गरियाबंद से ई-30 ऑप्स टीम तथा डीआरजी जिला धमतरी की संयुक्त टीम को चिन्हित क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। पुलिस बल ने दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों वाले सांपसाटी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। लंबे समय तक चली सर्चिंग के दौरान पहाड़ियों के अलग-अलग स्थानों पर जमीन में छिपाकर रखे गए माओवादी डम्प को पुलिस ने बरामद कर लिया।
46 लाख से अधिक नगदी बरामद
बरामद सामग्री में कुल 46 लाख 31 हजार 500 रुपये नगद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह राशि माओवादी संगठन की गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है। इतनी बड़ी नगदी बरामद होना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। बरामद सामग्री में एक भरमार बंदूक, 33 भरमार राउंड, एक सुरका रायफल और 32 बीजीएल सेल शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 10 इंसास राउंड, 11 एसएलआर राउंड, 45 एके-47 राउंड, 41 नग .303 राउंड, 23 सिंगल शॉट राउंड तथा 26 नग 12 बोर राउंड बरामद किए हैं। बड़ी मात्रा में गोला-बारूद मिलने से माओवादियों की भविष्य की योजना का संकेत मिलता है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डेटोनेटर भी मिले
सर्चिंग के दौरान पुलिस को एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन भी मिले हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से माओवादी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 13 इलेक्ट्रॉनिक तथा 10 नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग विस्फोटक बनाने में किया जाता है। साथ ही भारी मात्रा में माओवादी साहित्य और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
डीजीएन डिवीजन का था डम्प
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह डम्प धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा (डीजीएन) डिवीजन के माओवादियों द्वारा तैयार किया गया था। संगठन के शीर्ष लीडरों ने इसे सुरक्षित स्थान पर छिपाकर रखा था ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके। इस बरामदगी से माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली मजबूती
जिला पुलिस के अनुसार पिछले दो वर्षों से गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शासन की पुनर्वास योजना के प्रचार-प्रसार के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। जनवरी 2026 तक गरियाबंद-धमतरी क्षेत्र में सक्रिय धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के अधिकांश सूचीबद्ध माओवादी निष्क्रिय हो चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
संभावित नक्सली घटना टली
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माओवादी डम्प की यह बरामदगी नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है। इससे न केवल माओवादियों के संसाधनों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित नक्सली घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। पुलिस द्वारा क्षेत्र में आगे भी सघन सर्च अभियान जारी रखने की बात कही गई है।
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