छुरा (गंगा प्रकाश)। नगर पंचायत छुरा में अवैध प्लाटिंग का बड़ा मामला सामने आया है, जहां शहर के सबसे संवेदनशील और प्रमुख इलाके में खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट काटे जा रहे हैं। यह अवैध प्लाटिंग नगर पंचायत छुरा के बस स्टैंड के पास, छुरा थाना के पीछे, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के बाजू तथा एसडीएम (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व) कार्यालय के पीछे स्थित कृषि भूमि में की जा रही है।

जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 283/1 रकबा 0.4703 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 283/7 रकबा 0.6300 हेक्टेयर की जमीन, जो राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है वहां बिना किसी वैधानिक अनुमति के तेजी से प्लॉटिंग का कार्य चल रहा है। उक्त दोनों कृषि भूमि एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज बताई जा रही है और यहां लगभग 24 प्लॉट तैयार कर लिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक इस जमीन की खरीदी-बिक्री में मोटी रकम का लेन-देन हुआ है और सौदे की राशि इतनी अधिक बताई जा रही है कि यह छत्तीसगढ़ की राजधानी स्तर के बड़े सौदों को भी पीछे छोड़ती नजर आ रही है। यही कारण है कि यह मामला अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि बड़े आर्थिक खेल के रूप में उभर रहा है।

नियम-कानून की खुली अनदेखी

राजस्व नियमों के अनुसार किसी भी कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 172 के तहत भूमि डायवर्सन कराना अनिवार्य है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 तथा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के प्रावधानों के तहत प्लाटिंग या कॉलोनी विकसित करने के लिए लेआउट स्वीकृति लेना आवश्यक होता है।

लेकिन यहां इन सभी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। बिना डायवर्सन और बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉट काटना पूरी तरह अवैध है, बावजूद इसके यह कार्य बेखौफ जारी है।

वायरल दावा: ‘Aurumania Gold Bike’ की करोड़ों की कीमत, असली सच्चाई क्या है?

संवेदनशील इलाके में खुला खेल, प्रशासन पर सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध प्लाटिंग कार्य बस स्टैंड, थाना, विद्यालय और एसडीएम कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के बीच हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना संरक्षण के इस तरह का बड़ा खेल संभव नहीं है।

हेल्थ अलर्ट: रिपोर्ट सामान्य, फिर भी शरीर में छिपा हो सकता है ,‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ बड़ा खतरा

खरीदारों के लिए खतरे की घंटी

जानकारों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के खरीदे गए प्लॉट भविष्य में कानूनी विवाद का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में रजिस्ट्री निरस्त होने, निर्माण कार्य पर रोक लगने और आर्थिक नुकसान होने की पूरी संभावना रहती है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और अवैध प्लाटिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई जा रही है।

अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन अपने ही कार्यालयों के आसपास चल रहे इस अवैध प्लाटिंग के खेल पर कब तक कार्रवाई करते हैं या फिर करोड़ों का यह खेल यूं ही जारी रहता है। छुरा का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और संभावित मिलीभगत की एक बड़ी तस्वीर बनकर सामने आ रहा है।


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version