गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ ब्राम्हण समाज फिंगेश्वर के द्वारा आईएएस अधिकारी संतोश वर्मा के दिए गए विवादित बयान के खिलाफ ब्राम्हण समाज में कड़ी आपत्ति दर्ज की है। ब्राम्हण समाज ने तुरंत विवादित बयान देने वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। सोशल मिडिया पर वायरल इस कथित टिप्पणी में ब्राम्हण समाज के बेटियों के संबंध में अशोभनीय व अपमानजनक शब्दों के प्रयोग से पूरे ब्राम्हण समाज के क्षेत्र में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया है। ब्राम्हण समाज फिंगेश्वर के शरद चतुर्वेदी, सतीश शर्मा, सनकादिक चौबे का कहना है कि यह केवल एक समुदाय का मुददा नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और सामाजिक मर्यादा को चुनौती मान रहे हैं। ब्राम्हण समाज इसे किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसी टिप्पणी ना केवल आज संवेदनशीलता का उदाहरण है। बल्कि यह संपूर्ण नारी सम्मान का प्रहार है। यह मामला केवल ब्राम्हण समाज भर का नहीं बल्कि हर उस नागरिक के सम्मान से जुड़ा है जो अपने बेटियों के भविश्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है। फिंगेश्वर ब्राम्हण समाज ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मांग की है कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 298, 299, 153 स्त्री अपशिश्ट रूप प्रतिशत अधिनियम की धारा 4 य तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत आरोपित आईएएस अधिकारी पर तत्काल अपराध दर्ज किया जाए। समाज के प्रमुख लोगों में रमेश शर्मा, रामकृश्ण शर्मा, जितेन्द्र शर्मा, पं. त्रिभुवन मिश्रा, दिनेश शर्मा, मनीश शर्मा, श्रीमती मधु शर्मा, अनीता शर्मा, शीला शर्मा एवं समाज के सभी सदस्य जोरदार विरोध व्यक्त करते हुए कहा कि नारी सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए चाहे वह किसी भी पद पर हो।
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