छुरा (गंगा प्रकाश)। छुरा थाना क्षेत्र के मुड़ागांव-भैरा-नवापारा मार्ग पर जर्जर पुलिया पार करते समय पानी के तेज बहाव में लापता हुए 32 वर्षीय डिगेश्वर यादव का शव करीब 24 घंटे बाद रविवार सुबह बरामद किया गया। शनिवार को देर शाम तक रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने पुलिया से लेकर आसपास के नाले, झाड़ियों और गड्ढों में सघन तलाश की, लेकिन डिगेश्वर का कोई सुराग नहीं मिला था। इसके बाद रेस्क्यू टीम वापस लौट गई थी।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 8 बजे डिगेश्वर यादव, पिता संत राम यादव, अपने चचेरे भाई छोटे दाऊ के साथ जर्जर पुलिया पार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिया में बने गड्ढे में फंसने के बाद वह तेज पानी के बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। घटनास्थल पर उनकी साइकिल बरामद हुई थी।
रात में ग्रामीणों ने बनाई रणनीति, सुबह फिर शुरू की तलाश
शनिवार को दिनभर तलाश के बाद भी डिगेश्वर का पता नहीं चलने पर रात में ग्रामीणों ने बैठक की। ग्रामीणों ने अगले दिन सुबह दोबारा व्यापक स्तर पर खोजबीन करने का निर्णय लिया। रविवार सुबह होते ही ग्रामीण अलग-अलग समूहों में संभावित स्थानों की ओर तलाश करने निकल पड़े।
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तलाश के दौरान घटनास्थल से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर एक छोटे से झाड़ीदार स्थान पर डिगेश्वर का शव पानी के बहाव में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना तत्काल छुरा पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही छुरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पत्नी और दो बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
डिगेश्वर यादव की उम्र करीब 32 वर्ष थी और वह गांव में चरवाही का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। डिगेश्वर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी और बच्चों सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जर्जर पुलिया बनी हादसे की वजह? स्थायी निर्माण की मांग फिर उठी
ग्रामीणों के अनुसार मुड़ागांव-भैरा-नवापारा मार्ग की उक्त पुलिया लंबे समय से जर्जर है। ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर मरम्मत कार्य कराया जाता रहा है, लेकिन स्थायी निर्माण नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में पुलिया खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के नव निर्माण की मांग कई बार शासन-प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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डिगेश्वर की मौत के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर जर्जर पुलिया का स्थायी निर्माण कराने और ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
