पंचायत में उठा मामला: 20 दिन तक दबा रहा सच
हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के घायल होने की जानकारी स्कूल प्रबंधन को समय पर क्यों नहीं मिली। अभिभावकों को जब बच्चों के हाथ पर कटे के निशान और पट्टियाँ दिखीं, तब जाकर पूछताछ शुरू हुई। बच्चों ने बताया कि उन्होंने ब्लेड या नुकीली चीजों से अपनी कलाई काटी है। मामला सामने आने के बाद ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई गई। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस मुद्दे को उठाते हुए स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
“यह मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। हमने शिक्षा विभाग को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। बच्चों की काउंसलिंग कराई जाएगी ताकि इस तरह के सामूहिक आत्मघाती व्यवहार (Mass Self-Harm) के पीछे का असली कारण पता चल सके।”
— जिला प्रशासन अधिकारी, धमतरी
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