सराईभदर में चार फीट पानी के बीच फंसी 50 यात्रियों से भरी बस, बाहर निकलने को मची जद्दोजहद; पुलिस और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। बारिश के बीच सराईभदर के पास शुक्रवार को कुछ पल ऐसे आए, जब यात्री बस में सवार करीब 50 लोगों की सांसें थम गईं। चारों तरफ पानी का तेज बहाव और बीच में फंसी यात्रियों से भरी बस… हर किसी की नजर मदद के लिए सड़क की ओर थी। तभी पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और रस्सी को सहारा बनाकर एक-एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस नेशनल हाईवे पर आवागमन प्रभावित होने के बाद मोहरा मार्ग से देवभोग की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान सराईभदर के पास बस तेज बहाव वाले नाले में पहुंच गई। नाले में पानी करीब चार फीट तक था। पानी का बहाव तेज होने के कारण बस वहीं फंस गई।

बस रुकी तो थम गई यात्रियों की सांसें
नाले के बीच बस के फंसते ही यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई। बाहर निकलने की कोशिश भी आसान नहीं थी, क्योंकि चारों तरफ पानी और तेज बहाव था। कुछ देर तक बस में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस जवान और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू किया गया।
रस्सी के सहारे बना सुरक्षित रास्ता
पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर उसे सहारा बनाया। इसके बाद यात्रियों को सावधानीपूर्वक एक-एक कर बस से बाहर निकाला गया। तेज बहाव और बारिश के बीच चलाए गए इस रेस्क्यू में करीब 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की नजर हर यात्री पर टिकी रही। एक तरफ पानी का तेज बहाव था तो दूसरी ओर यात्रियों को सुरक्षित निकालने की चुनौती। काफी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।

नेशनल हाईवे बंद होने के बाद बदला था रास्ता
बताया गया कि नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित होने के कारण बस को वैकल्पिक मार्ग से देवभोग ले जाया जा रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई। बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों में जलस्तर और बहाव बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
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सराईभदर की घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि समय रहते पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अगर मदद पहुंचने में और देरी होती तो चार फीट पानी के तेज बहाव के बीच फंसी बस में सवार यात्रियों के लिए हालात और मुश्किल हो सकते थे।
घटना ने भारी बारिश के दौरान वैकल्पिक मार्गों से सफर करने वालों के लिए भी खतरे की तस्वीर सामने रख दी है। खासकर नदी-नालों में पानी बढ़ने के दौरान रास्ता पार करने से पहले जलस्तर और बहाव की स्थिति को देखना बेहद जरूरी है।




