रायगढ़ (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की रात धरमजयगढ़ वनमंडल के लैलूंगा रेंज से निकला 27 हाथियों का विशाल दल बैगिनझरिया गांव में जा धमका। रातभर हाथियों के हमले से गांव में अफरातफरी मची रही। ग्रामीण भय से घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों पर भागे, वहीं जंगली दानवों ने तीन कच्चे मकानों को ध्वस्त कर दिया और नौ किसानों की मेहनत से लहलहा रही फसल को पलभर में बर्बाद कर दिया।

धान के बोरे चट कर गए हाथी, घरेलू सामान भी तोड़ा
गांव पहुंचे हाथियों ने सबसे पहले ग्रामीण दयाराम मांझी, मयाराम मांझी और परमीन मांझी के घरों को निशाना बनाया। मकान की दीवारों को तोड़कर अंदर घुसे हाथी बोरे में रखे धान को खा गए। घरों में रखा घरेलू सामान भी उनके पैरों तले चकनाचूर हो गया। अचानक हुए हमले से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाकर भागे।
वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर खदेड़ा झुंड
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी और ग्रामीणों ने मिलकर डंडे, ढोल-नगाड़े और मशालों के सहारे हाथियों को गांव से खदेड़ने की कोशिश की। कई घंटों की मशक्कत के बाद झुंड वापस जंगल की ओर लौट गया, लेकिन पीछे छोड़ गया तबाही और भय का साया।
नौ किसानों की फसल बर्बाद
हाथियों के उत्पात का सबसे बड़ा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। नौ किसानों की धान और अन्य फसलें पूरी तरह से रौंद दी गईं। खेतों में कई महीने की मेहनत और पसीना कुछ ही पलों में मिट्टी में मिल गया।
जंगलों में 187 हाथियों की मौजूदगी, लैलूंगा रेंज सबसे ज्यादा प्रभावित
जिले के जंगलों में हाथियों का मूवमेंट लगातार बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक रायगढ़ जिले में कुल 187 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वनमंडल में ही 127 हाथी अलग-अलग रेंज में मौजूद हैं।
लैलूंगा रेंज में सर्वाधिक 61 हाथी
छाल में 22,बोरो और कापू में 13-13,बाकारूमा में 11,धरमजयगढ़ रेंज में 7 वहीं रायगढ़ वनमंडल में कुल 60 हाथियों की मौजूदगी है। इनमें घरघोड़ा रेंज में 28, रायगढ़ रेंज में 22 और तमनार रेंज में 10 हाथी शामिल हैं।
वन विभाग सतर्क, गांव-गांव में मुनादी
लैलूंगा सब डिवीजन के एसडीओ एम.एल. सिदार ने पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों ने तीन मकानों और नौ किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लैलूंगा सब डिवीजन में इस समय 61 हाथी सक्रिय हैं, जिनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांव-गांव में मुनादी कराई जा रही है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से मदद की गुहार
लगातार हाथियों के हमले से ग्रामीण अब दहशत के साए में जी रहे हैं। लोग हर रात डर में गुजार रहे हैं कि कब हाथियों का झुंड उनके गांव पर टूट पड़े। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि फसल और मकानों का नुकसान न हो और लोगों की जान-माल सुरक्षित रह सके।
रायगढ़ में हाथियों का कहर अब सिर्फ वन विभाग नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार के लिए भी चुनौती बन चुका है।