25 सौ वर्गफुट क्षेत्र में होगा निर्माण, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, 1 करोड़ 20 लाख रुपये जारी
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गांव की महिलाएं अब अपने आत्मनिर्भर भविष्य की नई पहचान लिखेंगी। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ा तोहफ़ा देते हुए गरियाबंद जिले में चार महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि मंजूर कर आदेश जारी कर दिया गया है।
जिले के ग्राम पंचायत सेम्हरतरा, रांवड़, जोबा और अमलीपदर में बनने वाले इन महतारी सदनों से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकेंगी।

क्या-क्या होगा महतारी सदन में?
लगभग 25 सौ वर्गफुट में बनने वाले प्रत्येक सदन पर 30 लाख रुपये की लागत आएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कार्यों में एकरूपता बनाए रखने के लिए मानक डिज़ाइन और प्राक्कलन तैयार किया है।
सदन में महिलाओं के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएं रहेंगी –
विशाल हाल – सामूहिक बैठकों और प्रशिक्षण के लिए,
किचन व स्टोररूम – स्वसहायता समूहों को कामकाज की सुविधा,
बरामदा और कमरा – बैठने और कार्य संचालन के लिए,
सामुदायिक शौचालय व ट्यूबवेल – स्वच्छता व पेयजल की गारंटी,
वाटर हार्वेस्टिंग – पानी संरक्षण की दिशा में पहल,
बाउंड्रीवाल – सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम
महिलाओं के सशक्तिकरण की नई मिसाल
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी सदन का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि महिलाओं को एक ऐसा स्थायी मंच उपलब्ध कराना है जहां वे – रोज़गार से जुड़ सकें,सामूहिक कार्यक्रम कर सकें,आपसी समरसता और एकजुटता को बढ़ावा दे सकें। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “गांव-गांव में महतारी सदन बनाकर हम महिलाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार व अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा ठोस कदम है।”
गांवों में गूंजा ख़ुशी का माहौल
ग्राम पंचायतों में महतारी सदन की स्वीकृति मिलते ही महिलाओं में उत्साह का माहौल है। स्वसहायता समूहों की दीदियों का कहना है कि अब उन्हें अपने कामकाज और बैठकों के लिए एक स्थायी स्थान मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने भी शासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान देगा।