छुरा/पाण्डुका (गंगा प्रकाश)। सेवा, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ 10 अक्टूबर 2026 को जतमई माता मंदिर प्रांगण में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण के साथ प्लास्टिक मुक्त एवं स्वच्छता अभियान चलाकर प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया गया। राजिम विधायक रोहित साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
जतमई माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। वहीं प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने पर जोर दिया गया। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजिम विधायक रोहित साहू के साथ जिला पंचायत गरियाबंद की वन सभापति शिवांगी चतुर्वेदी, जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर, जिला गरियाबंद के महामंत्री चंद्रशेखर साहू, जनपद पंचायत छुरा के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी, वन सभापति युवराज साहू, जनपद सदस्य पंकज निर्मलकर, महेन्द्र कुमार ध्रुव, दुलारी साहू, मानसिंग निषाद, खड़मा मंडल अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, गायडबरी के सरपंच एवं जतमईगढ़ समिति के अध्यक्ष करण कुमार ध्रुव तथा जिला महामंत्री पालेन्द्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रशासनिक एवं वन विभाग की ओर से कलेक्टर गरियाबंद रणवीर शर्मा, डीएफओ गरियाबंद मयंक पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, एसडीओ राकेश चौबे, एसडीएम छुरा विशाल कुमार महाराणा तथा जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश चंद्रवंशी की उपस्थिति रही। इसके साथ ही वन परिक्षेत्र पांडुका, छुरा, फिंगेश्वर, परसुली एवं गरियाबंद के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

जतमई माता मंदिर क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। वृक्षों का संरक्षण, प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई से न केवल प्राकृतिक वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी स्वच्छ परिसर उपलब्ध कराया जा सकता है।
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सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और वन विभाग के बीच पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और लगाए गए पौधों की देखभाल में सहयोग दें। स्वच्छता और हरियाली को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।





