जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारे से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जांजगीर-चांपा जिले के कृषि विभाग के तत्कालीन उप संचालक (डिप्टी डायरेक्टर) एल.एम. भगत के खिलाफ चांपा पुलिस ने अपनी ही सहकर्मी महिला कर्मचारी को प्रताड़ित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
पद का दुरुपयोग और अनुचित व्यवहार का आरोप
जानकारी के अनुसार, एल.एम. भगत जब जांजगीर जिले में कृषि विभाग के उप संचालक के पद पर तैनात थे, तब उन पर विभाग की ही एक महिला कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता का कहना है कि अधिकारी ने अपने पद का रसूख दिखाते हुए उसे लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उसके साथ शारीरिक रूप से भी अनुचित व्यवहार किया। प्रताड़ना से तंग आकर महिला मानसिक तनाव (डिप्रेशन) का शिकार हो गई थी।
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कलेक्टर-एसपी की जांच में दोषी पाए गए अधिकारी
पीड़ित महिला ने करीब दो माह पहले इस मामले की लिखित शिकायत जांजगीर कलेक्टर और एसपी से की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक जांच टीम गठित की।
जांच टीम ने महिला के बयान दर्ज किए और साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की।
जांच के दौरान डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई।
वर्तमान में एल.एम. भगत का तबादला रायगढ़ जिले में हो चुका है, जहाँ वे कार्यरत हैं।
BNS की धारा 79 के तहत मामला दर्ज
जांजगीर-चांपा एसपी विजय पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत चांपा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आगे की विवेचना कर रही है और जल्द ही आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा सकती है।
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