दशहरा-दीपावली से पहले रिहायशी इलाकों में अस्थायी गोदाम बनाए जाने की सूचना, बड़ी मात्रा में पटाखे रखने की चर्चा; लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग
छुरा (गंगा प्रकाश)। दशहरा और दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की खरीद-बिक्री और भंडारण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की छुरा नगर पंचायत के कुछ वार्डों में कथित तौर पर अस्थायी गोदाम बनाकर पटाखों का भंडारण किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। रिहायशी इलाकों में पटाखे रखे जाने की सूचना ने सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभागों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन अस्थायी गोदामों के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई है? क्या भंडारण स्थल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं? और यदि बड़ी मात्रा में पटाखे रखे जा रहे हैं, तो उनकी मात्रा तथा भंडारण की वैधता की जांच किस विभाग द्वारा की जा रही है?

मोहल्ले के बीच पटाखों का भंडारण, कितना सुरक्षित?
पटाखे सामान्य व्यापारिक सामग्री नहीं हैं। इनके भंडारण में जरा-सी लापरवाही भी आगजनी और गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। यदि किसी रिहायशी मोहल्ले में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे गए हैं, तो आसपास रहने वाले परिवारों, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
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त्योहार के दौरान बिक्री के उद्देश्य से स्टॉक रखना अपने-आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन इसके लिए लागू लाइसेंसिंग, भंडारण और अग्नि सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना आवश्यक है। केवल अस्थायी गोदाम बना लेने या त्योहार का हवाला देने से नियमों से छूट नहीं मिल जाती।
अस्थायी दुकान की अनुमति, क्या गोदाम पर भी लागू?
पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए विस्फोटक अधिनियम, 1884 तथा विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधान लागू होते हैं। अस्थायी पटाखा दुकान और बड़ी मात्रा में पटाखे रखने वाले गोदाम के लिए लागू शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए संबंधित स्थल का लाइसेंस, उसकी वैधता, अनुमत मात्रा और स्थान की उपयुक्तता जांचना जरूरी है।
यदि किसी स्थान पर आवश्यक अनुमति के बिना पटाखों का भंडारण किया जा रहा है या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल
छुरा नगर पंचायत के जिन वार्डों में पटाखों के अस्थायी भंडारण की सूचना सामने आ रही है, वहां संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है। जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पटाखों का भंडारण निर्धारित नियमों के अनुरूप हो।
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प्रशासन को संबंधित गोदामों के लाइसेंस, पटाखों की मात्रा, भवन की सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था की जांच करनी चाहिए। यदि किसी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि त्योहार के दौरान किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि, जांच के बाद खुलेगा मामला
छुरा नगर पंचायत के कुछ वार्डों में पटाखों के भंडारण की सूचना के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या अस्थायी गोदामों की जांच होगी? क्या भंडारण की मात्रा और लाइसेंस की वैधता सामने आएगी? या फिर त्योहार समाप्त होने के बाद ही इन सवालों पर ध्यान दिया जाएगा?
स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा है कि वह समय रहते तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
अब सवाल यह है कि छुरा नगर पंचायत के संबंधित वार्डों में पटाखों के भंडारण की वास्तविक स्थिति क्या है और क्या सभी आवश्यक नियमों का पालन किया जा रहा है? इसका जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।





