गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक और तगड़ा प्रहार किया है। शनिवार को की गई इस बड़ी कार्यवाही में पुलिस ने 196 किलो 120 ग्राम अवैध गांजा के साथ चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। तस्करों के कब्जे से गांजा, इनोवा व बलेनो कार, मोबाइल फोन समेत करीब 40 लाख 81 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है।

फिल्मी स्टाइल में भाग रहे थे तस्कर, MCP लगाकर पकड़े गए
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो वाहन – बलेनो (एमपी-20 ZT 4766) और इनोवा (एमपी-20 TA 1544) अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मालगांव में मोबाइल चेक पोस्ट लगाया। जैसे ही संदिग्ध गाड़ियां पहुंची, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस को देखते ही आरोपी फिल्मी स्टाइल में गाड़ियां दौड़ाते हुए फरार होने लगे, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
बरामदगी
इनोवा से – 101.20 किलो गांजा (कीमत 10.12 लाख), कार (15 लाख), 3 मोबाइल (10 हजार)
बलेनो से – 95.10 किलो गांजा (कीमत 9.51 लाख), 1 मोबाइल (8 हजार)
कुल बरामदगी – 196.120 किलो गांजा, 2 लग्जरी कारें और मोबाइल फोन, कुल मूल्य 40 लाख 81 हजार रुपये।
गिरफ्तार आरोपी
- मिथुन झारिया पिता जयराम झारिया, उम्र 27 वर्ष, निवासी पुरवा पटपारा थाना बरेला जिला जबलपुर (म.प्र.)
- सुमित सामासी पिता स्व. गोपाल सामासी, उम्र 27 वर्ष, निवासी बरेला मंदिर के पास जबलपुर (म.प्र.)
- आयुषी मिश्रा पिता नागेश मिश्रा, उम्र 20 वर्ष, निवासी धामपुर थाना धामपुर जिला जबलपुर (म.प्र.)
- कोशल सिंह पिता चेतन सिंह, उम्र 36 वर्ष, निवासी दिनदयाल कॉलोनी खम्हरिया, भिलाई (छ.ग.)
(बलेनो में सवार एक आरोपी मौके से कूदकर फरार हो गया था, लेकिन विवेचना के दौरान उसे भी पुलिस ने दबोच लिया।)
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपी मिथुन झारिया के खिलाफ जबलपुर (म.प्र.) में पहले से ही आबकारी एक्ट के 7, चोरी के 1, मारपीट के 3 और जुआ के 1 यानी कुल 12 अपराध दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(ii)(B) के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अवैध नशे के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखने और सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली गरियाबंद पुलिस और स्पेशल टीम की अहम भूमिका रही।