झांकी के साथ निकली भव्य विसर्जन यात्रा, जयकारों से गूंजा गोवर्धन पारा; बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग एक साथ बने बप्पा की विदाई के साक्षी
गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। गणपति बप्पा की विदाई का वह दृश्य, जब पूरा मोहल्ला एक साथ सड़कों पर उतर आया, गरियाबंद के गोवर्धन पारा वार्ड क्रमांक 6 में लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया। बप्पा के विसर्जन से पहले निकली भव्य झांकी और शोभायात्रा में ऐसा लगा मानो पूरा मोहल्ला एक परिवार बनकर अपने आराध्य को विदाई देने निकला हो। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तों का उत्साह और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
विसर्जन यात्रा शुरू होने से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद गणपति प्रतिमा को आकर्षक झांकी के साथ सजाकर श्रद्धालु छिंद तालाब की ओर रवाना हुए। यात्रा में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। रास्तेभर श्रद्धालु जयकारे लगाते और भक्ति में झूमते नजर आए।
बप्पा के साथ चलता रहा पूरा मोहल्ला
गोवर्धन पारा की इस गणेश विसर्जन यात्रा की सबसे खास बात रही लोगों की सामूहिक भागीदारी। कोई व्यवस्था संभालता नजर आया तो कोई झांकी के साथ चल रहा था। बच्चे और युवा उत्साह में जयकारे लगाते रहे, जबकि महिलाएं और बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।
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स्थानीय लोगों के अनुसार गोवर्धन पारा में धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इन्हें सामाजिक एकजुटता के अवसर के रूप में भी मनाया जाता है। गणेशोत्सव के दौरान जिस तरह पूरा मोहल्ला मिलकर बप्पा का स्वागत करता है, उसी तरह विदाई के समय भी सभी एक साथ नजर आए।
‘स्वागत भी साथ, विदाई भी साथ’
पार्षद छगन यादव ने कहा कि गोवर्धन पारा में बप्पा को लाने से लेकर उनकी विदाई तक पूरा मोहल्ला एकजुट रहता है। उन्होंने कहा कि जब गणपति की स्थापना के लिए लोग एक साथ जाते हैं तो विसर्जन के समय भी वही उत्साह और अपनापन देखने को मिलता है। बच्चे, युवा, महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग सभी मिलकर आयोजन का हिस्सा बनते हैं।
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उन्होंने कहा कि मोहल्ले की यही एकजुटता और आपसी भाईचारा धार्मिक आयोजनों को विशेष बनाता है। गणेशोत्सव के माध्यम से लोगों के बीच सामाजिक मेल-जोल और सामूहिक सहभागिता भी मजबूत होती है।
तालाब तक बप्पा के साथ, फिर सामूहिक भोजन
झांकी के साथ निकली विसर्जन यात्रा छिंद तालाब पहुंचेगी, जहां विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। बप्पा की विदाई के बाद भी मोहल्ले की सामूहिकता का सिलसिला थमने वाला नहीं है। विसर्जन के बाद मोहल्लेवासियों द्वारा सामूहिक भोजन का आयोजन किया जाएगा।
इस तरह गोवर्धन पारा में गणपति विसर्जन सिर्फ प्रतिमा की विदाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रद्धा, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का ऐसा उत्सव बन गया, जिसमें पूरा मोहल्ला एक परिवार की तरह साथ दिखाई दिया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर बप्पा के आगमन की कामना की।
