Chhattisgarh paddy purchase रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आज धान खरीदी का आखिरी दिन है। यह प्रक्रिया पिछले वर्ष 15 नवंबर से शुरू हुई थी और किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए करीब ढाई महीने का समय दिया गया। जिन किसानों के पास पहले से टोकन था, वे आज अपने नजदीकी उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे।
डिजिटल प्रणाली ने बढ़ाया किसानों का भरोसा
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई तकनीक आधारित डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे का मजबूत आधार बन चुकी है।
ग्राम दुग्गी निवासी किसान हीरालाल ने सिंगहत उपार्जन केंद्र में कुल 51.20 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य के अंतर्गत पूरी प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों व्यवस्था प्रभावी
धान विक्रय हेतु उनका टोकन ऑफलाइन माध्यम से जारी किया गया था। इसके बावजूद उपार्जन केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित रहीं। डिजिटल प्रणाली के साथ किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, जो ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं थे।
सुविधाओं से भरा उपार्जन केंद्र
केंद्र में किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। डिजिटल कांटे से सटीक तौल, सुव्यवस्थित प्रबंधन और भीड़-भाड़ से मुक्त वातावरण ने पूरी प्रक्रिया को भरोसेमंद और किसान अनुकूल बनाया।
किसानों का अनुभव
हीरालाल ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान विक्रय प्रक्रिया अधिक सहज और तनावमुक्त रही। डिजिटल प्रणाली ने पारदर्शिता के साथ सभी किसानों को संतुष्टि प्रदान की।
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