बैठक छोड़ भड़के जनप्रतिनिधि, तो प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीरा ठाकुर ने किया खुला बचाव
छुरा (गंगा प्रकाश)। जनपद पंचायत छुरा में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सतीष चन्द्रवंशी को लेकर सियासी और प्रशासनिक संग्राम छिड़ गया है। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक के दौरान जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी सहित कई जनपद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए सीईओ पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं प्रकाशित खबरों के बाद जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

बैठक छोड़कर फूट पड़ा आक्रोश
सामान्य प्रशासन समिति की बैठक के बीच जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी, सभापतियों और जनपद सदस्यों ने प्रभारी सीईओ की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए बैठक छोड़ दी। बाहर आकर उन्होंने मीडिया को बताया कि बीते दस महीनों में जनपद पंचायत की बैठकों में पारित किसी भी प्रस्ताव पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उपाध्यक्ष सोनवानी ने आरोप लगाया कि बैठकों में दी जाने वाली लिखित जानकारी में सीईओ के हस्ताक्षर तक नहीं होते, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत छुरा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है, जहां फर्जी बिल-वाउचर के जरिए लाखों रुपए का आहरण किया जा रहा है।
पीएम आवास, वाहन व्यय और वसूली के आरोप
जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार, सरपंच-सचिवों से वसूली, वाहन व्यय के नाम पर फर्जी भुगतान तथा जनपद सदस्यों के आवेदनों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए।
इतना ही नहीं, उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा रद्द की गई नियुक्ति को पुनः काम पर लिए जाने का आरोप लगाते हुए इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताया।
जनपद सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि प्रभारी सीईओ को तत्काल नहीं हटाया गया तो वे मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो सरपंचों के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।

अध्यक्ष का पलटवार : आरोप पूरी तरह निराधार
विवाद तूल पकड़ने के बाद जनपद पंचायत छुरा की अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रभारी सीईओ पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन बताया।
मीरा ठाकुर ने कहा कि जनपद पंचायत में सभी कार्य शासन के नियमों, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने आरोपों को जनपद पंचायत की छवि धूमिल करने और भ्रम फैलाने का प्रयास बताते हुए कहा कि इनके समर्थन में कोई ठोस आधार या प्रमाण नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के हित से जुड़े विकास कार्यों को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विकास कार्य नहीं रुकेंगे
प्रेस विज्ञप्ति में जनपद अध्यक्ष ने कहा कि जनपद पंचायत विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रही है और किसी भी प्रकार की अफवाहों से काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान कई जनपद सदस्यों की उपस्थिति का भी उल्लेख किया गया।

प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
जनपद पंचायत छुरा में एक ओर जनप्रतिनिधि प्रभारी सीईओ को हटाने पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर जनपद अध्यक्ष खुलकर उनके समर्थन में सामने आ गई हैं। ऐसे में अब यह पूरा मामला जिला प्रशासन और शासन स्तर तक पहुंचता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन आरोपों और खंडन के बीच क्या रुख अपनाता है।
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