गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने आज अपने कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएलएमसी) की बैठक ली। जिसमें सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन एवं सतत उपयोग के लिए केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश अनुसार अधिकार प्राप्त ग्राम सभाओं में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के गठन उपरांत प्रबंधन योजनाओं का विकास एवं कार्य योजना तैयार किया जायेगा। इस दौरान वनमण्डलाधिकारी लक्ष्मण सिंह, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, सहायक आयुक्त नवीन भगत, उप संचालक कृषि चंदन राय, पशु चिकित्सा सेवाएं के उप संचालक डॉ ओ.पी तिवारी, कौशल विकास विभाग के सहायक संचालक श्रीमती सृष्टि शर्मा सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि सीएफआरएमसी द्वारा ग्रामसभा में इसके लिए संरक्षण और प्रबंध करने के लिए योजना बनाकर संबंधित दस्तावेज तैयार करें। संबंधित विभागों, समितियों और अधिकार धारक समुदायों के साथ वन्य जीवन, वन और जैव विविधता, जल ग्रहण क्षेत्रों, जलस्त्रोतों और अन्य पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों, जिसके भीतर उनके वन अधिकारों को मान्यता मिल चुकी है, की सुरक्षा के लिए समन्वय करना। साथ ही ग्राम सभाओं के वन अधिकार धारक जो सीएफआर क्षेत्रों पर निर्भर है, उनके संरक्षण और प्रबंधन में समुचित ध्यान रखे। ग्राम सभा के काम-काज से संबंधित रिकार्ड और दस्तावेज बनाकर संधारण करें। ग्रामसभा द्वारा समय-समय पर तय किये गये सभी कार्यों को करे एवं ग्रामसभा के प्रति जिम्मेदार रहे। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्रबंधन योजना तैयार करते समय वन अधिकार धारकों के विचारों का ध्यान रखा जाए। उनके लिए सीएफआर प्रबंधन योजना के संचालन के लिए बैंक में चालू खाता खोलने के लिए प्राधिकार पत्र जारी करे। ग्रामसभा के प्रस्ताव से बैंक खाते से ही लेनदेन करे। प्रत्येक तीन माह में आय-व्यय की जानकारी रखे तथा प्रतिवर्ष आडिट कराने के निर्देश दिये।
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