बड़े सपने देखो, अनुशासन और शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी – अधिवक्ता दीपिका शोरी
चंद्रशेखर साहू
सुकमा (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं अधिवक्ता दीपिका शोरी ने जिला मुख्यालय स्थित बालिका कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, सुकमा का भ्रमण कर छात्राओं से आत्मीय एवं प्रेरणादायी संवाद किया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि छात्राओं के भविष्य, उनके सपनों, व्यक्तित्व निर्माण और अधिकारों को लेकर एक भावनात्मक एवं मार्गदर्शी संवाद का माध्यम बना।
संवाद के दौरान अधिवक्ता दीपिका शोरी ने छात्र जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन की सबसे मजबूत नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है। यदि इस समय अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों को अपनाया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने छात्राओं को महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने, उनके आदर्शों का अनुसरण करने तथा निरंतर अध्ययन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं से खुलकर बातचीत की और उनके जीवन के लक्ष्य जानने का प्रयास किया। इस दौरान अनेक छात्राओं ने डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), शिक्षक, न्यायाधीश एवं अधिवक्ता बनने का सपना साझा किया। छात्राओं की जिज्ञासाओं को गंभीरता से सुनते हुए दीपिका शोरी ने प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन तथा कठिन परिश्रम के महत्व की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की बेटियां भी अपनी मेहनत और लगन के बल पर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकती हैं।
संवाद के दौरान छात्राओं ने शिक्षा, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर खुलकर प्रश्न पूछे, जिनका अधिवक्ता दीपिका शोरी ने सरल एवं प्रेरक शब्दों में उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ और उन्हें अपने भविष्य की दिशा स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।
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कार्यक्रम में छोटी बालिकाओं को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चियों को समझाया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करे तो बिना किसी डर या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय अभिभावकों को तुरंत इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना प्रत्येक बच्ची का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है।
इसके साथ ही उन्होंने समस्त छात्राओं को महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों, महिला संरक्षण कानूनों तथा आवश्यक हेल्पलाइन की जानकारी भी दी। उन्होंने छात्राओं को जागरूक नागरिक बनने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने अधिवक्ता दीपिका शोरी का आत्मीय मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की। विद्यालय परिसर प्रेरणा, उत्साह और नई ऊर्जा से भर उठा। छात्राओं ने विश्वास जताया कि इस संवाद से उन्हें अपने सपनों को साकार करने की नई दिशा और आत्मबल प्राप्त हुआ।
