Economic Survey में क्या कहा गया
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते मजबूत आधार पर हैं। टेक्नोलॉजी, डिफेंस, सेमीकंडक्टर और सर्विस सेक्टर में सहयोग बढ़ा है। इसके बावजूद टैरिफ, मार्केट एक्सेस और सब्सिडी जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इन्हीं बिंदुओं पर बातचीत चल रही है। सर्वे में साफ किया गया है कि भारत जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा। सरकार का रुख है कि डील ऐसी हो, जिससे घरेलू उद्योग, MSME और किसानों के हित प्रभावित न हों।
सरकारी पक्ष क्या कहता है
“भारत व्यापार समझौतों को लेकर संतुलित और व्यावहारिक रुख अपनाता है। बातचीत जारी है, लेकिन अंतिम फैसला राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।”
— Economic Survey 2025-26, भारत सरकार
आम लोगों और कारोबार पर असर
ट्रेड डील को लेकर स्पष्टता न होने से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट सेक्टर फिलहाल सतर्क है। आईटी, फार्मा और टेक्सटाइल से जुड़े कारोबारी समझौते से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं सरकार ने संकेत दिया है कि अगले कुछ महीनों में बातचीत की दिशा तय हो सकती है, लेकिन किसी तारीख का एलान नहीं हुआ है। दिल्ली के उद्योग भवन और नॉर्थ ब्लॉक में इस मुद्दे पर लगातार बैठकें हो रही हैं। कारोबारी संगठनों की नजर अब आने वाले बजट और द्विपक्षीय बैठकों पर टिकी है।
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