रात्रि गश्त के दौरान जनपद सदस्य की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

गजानंद कश्यप
देवभोग(गंगा प्रकाश)। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) अंतर्गत ग्राम बजाड़ी में एक दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन मिलने पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर संरक्षण में ले लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव को सुरक्षित बचाया जा सका।

जानकारी के अनुसार 06 जुलाई 2026 की रात्रि ग्राम बजाड़ी के जनपद सदस्य सुभाष यादव ने गांव में पैंगोलिन दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी अश्वनी दास मुरचूलिया के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे सावधानीपूर्वक तरीके से पैंगोलिन का रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक वन्यजीव संरक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेस्क्यू अभियान में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश चन्द्र पात्र, वन रक्षक लम्बोदर सोरी, पुरुषोत्तम ध्रुवा, कौशल ध्रुव, सुरक्षा श्रमिक लुद्रास नागेश तथा वाहन चालक महेन्द्र सिंह चन्द्राकार ने सक्रिय भूमिका निभाई। वन अमले की सतर्कता और टीमवर्क के कारण बिना किसी नुकसान के दुर्लभ वन्यजीव को सुरक्षित बचा लिया गया।

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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैंगोलिन अत्यंत दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव है, जिसकी अवैध तस्करी और शिकार पर सख्त प्रतिबंध है। ऐसे वन्यजीवों का संरक्षण जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।


वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर पैंगोलिन अथवा अन्य दुर्लभ वन्यजीव दिखाई दें तो उन्हें पकड़ने, नुकसान पहुंचाने या परेशान करने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल नजदीकी वन विभाग कार्यालय या वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में संरक्षित किया जा सके।

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क्या है पैंगोलिन?

पैंगोलिन एक दुर्लभ, शर्मीला और रात्रिचर स्तनधारी वन्यजीव है, जिसके शरीर पर कठोर शल्क (स्केल) होते हैं। खतरा महसूस होने पर यह स्वयं को गोलाकार में समेट लेता है। यह मुख्य रूप से चींटी और दीमक खाकर जंगल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में यह वन्यजीव कानूनी रूप से संरक्षित है और इसके शिकार एवं तस्करी पर कड़ी सजा का प्रावधान है।

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