रायपुर में भव्य आयोजन, नव पदाधिकारियों ने ली शपथ, तुलसी कौशिक व सचिदानंद उपासने के विचारों ने दी दिशा, पद्मश्री फूलबासन यादव की संघर्ष गाथा बनी प्रेरणा
रायपुर (गंगा प्रकाश)। राजधानी रायपुर में रविवार 5 अप्रैल 2026 को पत्रकारिता की ताकत, एकता और संगठनात्मक मजबूती का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस समता कॉलोनी स्थित अग्रसेन कॉलेज में भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित शपथग्रहण एवं सम्मान समारोह ने प्रदेशभर के पत्रकारों को एक मंच पर लाकर खड़ा किया और यह संदेश दिया कि पत्रकार एकजुट होकर ही अपनी ताकत और पहचान को कायम रख सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने विधिवत शपथ ग्रहण करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करने और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और गौरव का माहौल बना रहा।
पत्रकार लोकतंत्र की आत्मा — तुलसी कौशिक का दमदार संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक का संबोधन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि पत्रकार केवल सूचना देने वाला नहीं, बल्कि समाज का सजग प्रहरी है। आगे कहते हैं कि आज के समय में जब फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का खतरा बढ़ रहा है, ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पत्रकारों को निष्पक्ष, निडर और बेबाक रहकर सच्चाई को सामने लाना होगा, तभी समाज में विश्वास कायम रहेगा। तुलसी कौशिक ने यह भी कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित है और पत्रकारों को किसी भी दबाव या प्रलोभन में आए बिना सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके सुरक्षा व सम्मान के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी।
पत्रकारिता एक जिम्मेदारी — सचिदानंद उपासने का गहन मार्गदर्शन
विशिष्ट अतिथि सचिदानंद उपासने का संबोधन पूरे कार्यक्रम का बौद्धिक केंद्र बनकर उभरा। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता एक संक्रमणकाल से गुजर रही है, जहां सूचना की गति तेज है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। स्पीड के इस दौर में सटीकता और सत्यता को बनाए रखना ही असली पत्रकारिता है।
श्री उपासने ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक गहरी जिम्मेदारी है। एक सच्चा पत्रकार वही है, जो सत्ता से सवाल पूछने का साहस रखता है और आम जनता की आवाज को बुलंद करता है।
उन्होंने युवा पत्रकारों को सलाह दी कि वे केवल सोशल मीडिया पर निर्भर न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर सच्चाई को समझें और प्रमाणिक खबरें प्रस्तुत करें। यदि पत्रकार एकजुट रहेंगे, तो कोई भी ताकत उनकी आवाज को दबा नहीं सकती।
सुनील कुमार यादव का नेतृत्व: संघर्ष से खड़ा हुआ संगठन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव का संबोधन बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने संगठन की शुरुआत से लेकर आज तक की यात्रा को विस्तार से साझा किया।
उन्होंने बताया कि चार वर्ष पहले जब इस संगठन की नींव रखी गई थी, तब मात्र सात लोग ही साथ थे और संसाधनों का घोर अभाव था। लेकिन पत्रकारों के अधिकारों के लिए कुछ करने की जिद और जुनून ने इस छोटे से प्रयास को आज एक मजबूत संगठन में बदल दिया। सुनील कुमार यादव ने कहा कि पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ आज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए लड़ने वाला मजबूत मंच बन चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी भी पत्रकार को अकेला न छोड़ना है, बल्कि हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में संगठन को और मजबूत बनाने, पत्रकारों को कानूनी व सामाजिक सुरक्षा दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ठोस पहल की जाएगी। उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता की कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों ने सराहना की।
पद्मश्री फूलबासन यादव की प्रेरणादायक कहानी
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहीं पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूलबासन यादव ने अपने जीवन संघर्ष की कहानी साझा करते हुए सभी को भावुक कर दिया।
उन्होंने बताया कि गरीबी और अभाव के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। आज उनके प्रयासों से हजारों महिलाएं सशक्त बन चुकी हैं और उनके समूहों का टर्नओवर लगभग 80 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने इस सफलता के पीछे पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी सराहा।
जिला अध्यक्षों की एकजुट आवाज — संगठन हमारा रक्षा कवच
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों को अपने विचार रखने का अवसर दिया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ उनके लिए रक्षा कवच के समान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को कई प्रकार के दबावों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह संगठन उन्हें सुरक्षा, समर्थन और सम्मान प्रदान करता है।
सम्मान समारोह बना आकर्षण का केंद्र
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शॉल के माध्यम से किए गए इस सम्मान ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। सम्मानित व्यक्तियों ने भी संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पत्रकारों का सशक्त मंच बताया।
संगठन के लिए भवन की मांग
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश संरक्षक विश्व प्रकाश शर्मा ने मुख्य अतिथि के समक्ष संगठन के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे संगठन की गतिविधियों को और अधिक मजबूती और विस्तार मिलेगा।
There is no ads to display, Please add some
