मास्टर ट्रेनर को सांप ने काटा — हॉस्टल में अंधेरा, गंदगी, कीड़े वाला खाना और टूटे बाथरूम…

 

छात्र बोले: यह कॉलेज नहीं, जंगल का डरावना कैम्प है!

 
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिस लाइवलीहुड कॉलेज को सरकार युवाओं को कौशल, सम्मान और रोजगार देने का सबसे बड़ा केंद्र बताती है, वही अब छात्रों के लिए डर, बीमारी और अव्यवस्था का प्रशिक्षण केंद्र बन गया है। शुक्रवार सुबह कॉलेज परिसर में हुए भयावह हादसे ने पूरे जिले में हलचल मचा दी। कॉलेज की तीसरी मंजिल पर एक मास्टर ट्रेनर को जहरीले सांप ने काट लिया। यह घटना न सिर्फ कॉलेज की असुरक्षा को उजागर करती है, बल्कि यह बताती है कि व्यवस्थाएँ नहीं, अव्यवस्थाएँ इस कॉलेज का स्थायी हिस्सा बन चुकी हैं।

सांप के काटने की घटना ने खोली पोल — कॉलेज के अंदर जीते-जागते जंगली खतरे

जानकारी के अनुसार, मास्टर ट्रेनर सुबह के सत्र में जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक कमरे में घुसे सांप ने उन्हें काट लिया। घटना को लेकर छात्र दहशत में हैं। उनका कहना है कि सांप-बिच्छू और जंगली जानवर कॉलेज में अक्सर देखे जाते हैं। यह कॉलेज है या जंगल का कैंप? हम पढ़ाई के लिए आते हैं या जान जोखिम में डालने? — एक छात्र का दर्द साफ झलकता है।

टायलेट और बाथरूम की हालत शर्मनाक — मजबूरी में खुले में नहाना पड़ रहा छात्रों को

कॉलेज के स्वच्छता प्रबंधन की सच्चाई इतनी बुरी है कि किसी भी निरीक्षण टीम का दिल दहल जाए। कई शौचालय महीनों से बंद,जो खुले हैं, उनमें बदबू और गंदगी का पहाड़,बाथरूम के दरवाज़े पूरी तरह टूट चुके,छात्राएँ और छात्र खुले में नहाने को मजबूर, कई छात्रों ने बताया कि गंदे शौचालयों से संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियाँ बढ़ती जा रही हैं। लेकिन प्रबंधन पूरी तरह ‘मौन’ मोड में।

मधुमक्खियों का आतंक — कमरे में घुसकर हमला करती हैं झुंड

कॉलेज परिसर में कई जगह मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते बने हुए हैं।छात्रों का कहना है कि कई बार मधुमक्खियों के झुंड कमरे में घुस आते हैं और हमला कर देते हैं। इस डर के कारण कई छात्र खिड़कियाँ खोलने से भी घबराते हैं।

बिजली की किल्लत — रात में पूरा हॉस्टल कब्रगाह जैसा अंधेरा

कॉलेज की बिजली व्यवस्था छात्रों के लिए सबसे बड़ा संकट है। रात को बार-बार बिजली कट,परिसर में स्ट्रीट लाइट नहीं,हॉस्टल का कॉरिडोर अंधेरा,जंगली क्षेत्र होने के कारण सांप-बिच्छू का डर कई गुना बढ़ जाता है । छात्रों ने बताया कि रात में बाहर निकलना, शौचालय जाना या पानी लेने जाना भी उन्हें ‘जान जोखिम में डालने’ जैसा लगता है।

भोजन की हालत बदतर — खाने में कीड़े, इल्ली और बदबूदार चावल

इस कॉलेज का मेस भी अपनी कुख्यात पहचान बनाने में पीछे नहीं है।सब्जी में कीड़े,दाल में बार-बार इल्ली,चावल में बदबू,मात्रा कम, गुणवत्ता शून्य छात्रों के अनुसार, खराब भोजन खाने से कई को पेट की समस्या और उल्टियाँ तक हो चुकी हैं। एक छात्रा ने कड़वाहट भरे लहज़े में कहा — यहाँ खाना नहीं दिया जाता, यहाँ बीमारी परोसी जाती है।

सुरक्षा की हालत भी भग्न — कमरे के दरवाज़े टूटे, ताले गायब

कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है। कई कमरे बिना ताले,दरवाज़े ढीले और टूटे,खिड़कियों के शीशे गायब,रात में कोई सुरक्षा गार्ड भी नहीं दिखता महिला छात्राओं ने कहा कि वे रात में बेहद असुरक्षित महसूस करती हैं।

शासन से आती है राशि — लेकिन सुधार के नाम पर 0% काम!

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शासन से कॉलेज को हर वर्ष लाखों की राशि मिलती है, तो उसके बाद भी कॉलेज का हाल “खस्ताहाल से भी खस्ताहाल” क्यों है?
छात्रों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन और शिकायतें दीं, लेकिन कार्रवाई का नामोनिशान तक नहीं।

छात्रों की सीधी चेतावनी — या तो कॉलेज सुधरे, या आंदोलन देखने को तैयार रहें!

सांप के काटने की घटना ने कॉलेज की अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों के अंदर भरा गुस्सा बाहर ला दिया है।
अब वे खुलकर कह रहे हैं— हम सुरक्षित नहीं हैं। हमारी पढ़ाई बाधित है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हम सामूहिक आंदोलन करेंगे।

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