“जंगल-पहाड़ में अब पहुंचेगी जिंदगी: विधायक रोहित साहू ने दी गरियाबंद को दो अत्याधुनिक एंबुलेंस”
दो नई अत्याधुनिक एंबुलेंस से बदलेगी तस्वीर, मैनपुर और छुरा के जंगल-पहाड़ में मरीजों को मिलेगा समय पर इलाज

गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। जंगल-पहाड़ में अब पहुंचेगी जिंदगी: आदिवासी बहुल गरियाबंद जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और एंबुलेंस की देरी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई। ज़िला कलेक्टर परिसर में विधायक रोहित साहू ने दो नई अत्याधुनिक एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये एंबुलेंस सीधे जिले के सबसे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों — मैनपुर और छुरा — के लिए समर्पित होंगी, जहां अब तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी।
वनांचल के लिए जीवनदायिनी सौगात
गरियाबंद का बड़ा भू-भाग घने जंगलों, पहाड़ों और संकरी सड़कों से घिरा है। बारिश के दिनों में हालत और भी विकट हो जाती है। कई बार मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में 4-5 घंटे लग जाते थे, और कई बार समय पर इलाज न मिलने से जानें भी गईं।
विधायक रोहित साहू ने इस पीड़ा को गहराई से समझा। उन्होंने बताया — “मुझे लगातार ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पत्र और फोन आ रहे थे कि एंबुलेंस दूरदराज के गांवों में देर से पहुंच रही हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है। मैंने तुरंत इस समस्या को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सामने रखा और तत्काल समाधान की मांग की।”
मुख्यमंत्री का त्वरित निर्णय
विधायक साहू के आग्रह पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना देरी किए विशेष पिछड़ी जनजाति योजना के अंतर्गत गरियाबंद के लिए दो नई एंबुलेंस की स्वीकृति दी।
इनमें से एक मैनपुर क्षेत्र के लिए और दूसरी छुरा क्षेत्र के लिए निर्धारित की गई है।
सीएम ने यह भी आश्वासन दिया कि कुछ ही महीनों में जिले को दो और नई एंबुलेंस दी जाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा और मजबूत होगी।
पूरी तरह सुसज्जित आधुनिक एंबुलेंस
नई एंबुलेंस में आपातकालीन चिकित्सा के सभी आधुनिक उपकरण मौजूद हैं —
- अत्याधुनिक स्ट्रेचर और व्हीलचेयर
- ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
- कार्डियक मॉनिटर और डिफिब्रिलेटर
- बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) सुविधा
- 24×7 वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम
विधायक साहू ने कहा — “चाहे मरीज पहाड़ की चोटी पर हो या जंगल के भीतर, अब चिकित्सा सेवा उसके दरवाजे तक पहुंचेगी। यह सिर्फ एंबुलेंस नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी गाड़ी है।”
ग्रामीणों में खुशी की लहर
कार्यक्रम में ज़िला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। एंबुलेंस को देखकर ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी।
छुरा से आए एक बुजुर्ग किसान ने कहा — “हमारे गांव में किसी के बीमार पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने में घंटों लग जाते थे। कई बार हमने अपने लोगों को समय पर इलाज न मिलने से खो दिया। यह नई सुविधा हमारे लिए भगवान का आशीर्वाद है।”
जनसेवा की प्रतिबद्धता
विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनका ही दूरदृष्टि और जनकल्याण के प्रति समर्पण है, जिसके कारण आज यह संभव हो पाया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए प्रयास करते रहेंगे।
— “जनता ने मुझे चुनकर सेवा का मौका दिया है। मेरा कर्तव्य है कि मैं उनकी हर तकलीफ का समाधान निकालूं,” — विधायक साहू।
भविष्य की योजना
प्रशासन की योजना है कि आने वाले महीनों में इन एंबुलेंसों को GPS ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी कॉल के बाद उनकी लोकेशन और पहुंचने का समय तुरंत मॉनिटर किया जा सके।
साथ ही, दूरस्थ गांवों में हेल्थ कैंप और मोबाइल मेडिकल यूनिट भेजने की योजना पर भी काम चल रहा है।
गरियाबंद के इतिहास में यह दिन स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इन दो अत्याधुनिक एंबुलेंस के आने से अब मैनपुर और छुरा जैसे दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए “समय पर इलाज” केवल एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बनने जा रहा है।