गरियाबंद। गरियाबंद जिले के साहेबीन कछार गांव के 200 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर NH-130C जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं अब तक पूरी नहीं की गई हैं। ग्रामीण उदंती-सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में बसे साहेबीन कछार गांव के निवासी हैं और आज सुबह 8 बजे से हाईवे पर धरने पर बैठे हुए हैं।
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हाईवे जाम के चलते सड़क के दोनों ओर यात्री बसों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस-प्रशासन मौके पर, समझाइश जारी
सूचना मिलते ही इंदागांव पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही तहसीलदार और एसडीओपी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल आश्वासनों से थक चुके हैं और मांगें पूरी होने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त करेंगे।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख मांगें
ग्रामीणों की आठ सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से बम्हनीझोला से ओडिशा सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण की मांग शामिल है। इसके अलावा, इंदागांव में स्थानांतरित आदिवासी कन्या छात्रावास और कन्या शाला साहेबीन कछार को मूल स्थान पर पुनः संचालित करने तथा उनके भवन निर्माण की मांग की जा रही है।
अन्य मांगों में विद्युत विहीन गांवों में शीघ्र विद्युतीकरण, ग्राम पंचायत साहेबीन कछार के आश्रित ग्रामों—करलाझर, साहेबीन कछार, नागेश और कोदोमाली—में वर्ष 2023 से स्वीकृत मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत अधूरे शाला भवनों को पूरा करना शामिल है।
ग्रामीणों ने माध्यमिक शाला साहेबीन कछार में युक्त-युक्तिकरण के तहत नियुक्त लेकिन अनुपस्थित शिक्षक को तत्काल पदभार ग्रहण कराने, गांव में लगे जियो टॉवर को शीघ्र चालू कराने, उप-स्वास्थ्य केंद्र करलाझर में बिजली व नल-जल आपूर्ति शुरू करने तथा अधूरी नल-जल योजना को फिर से चालू करने की मांग भी रखी है।
तीन साल से मिल रहे आश्वासन, नहीं हुआ काम
प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अर्जुन नायक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से हर स्तर पर अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
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