Nagar Sainik Notice : कोरबा। जिला सेनानी कार्यालय द्वारा जारी एक बड़े आदेश ने नगर सैनिकों में हड़कंप मचा दिया है। जनरल परेड में अनुपस्थित रहने के आरोप में 127 नगर सैनिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों के सामने आने के बाद नगर सैनिकों में नाराजगी और असंतोष खुलकर देखा जा रहा है। मामला न सिर्फ अनुशासनहीनता से जुड़ा है, बल्कि यह ब्रिटिश काल से चले आ रहे परेड नियमों की वर्तमान प्रासंगिकता के सवाल पर भी बड़ा विवाद खड़ा कर रहा है।

शहर में बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा एजुकेशन हब, साथ में होगा नालंदा परिसर, प्रथम चरण में 27 करोड़ का वर्क आर्डर जारी

हर सप्ताह दो दिन होती है जनरल परेड

जिला सेनानी कार्यालय में लंबे समय से सोमवार और गुरुवार को जनरल परेड आयोजित की जाती है। यह परंपरा ब्रिटिश शासनकाल के समय से चली आ रही है, जिसका उद्देश्य जवानों की शारीरिक फिटनेस और उपलब्धता की जांच करना है। हालांकि बदलते समय में कई जवान इस प्रक्रिया को पुरानी व्यवस्था बताते हुए इसके सरलीकरण की मांग कर चुके हैं।

कार्यालयीन अवधि में तलब, कारण बताओ नोटिस

जिन 127 नगर सैनिकों पर कार्रवाई की गई है, उन्हें अलग-अलग दिनों में कार्यालयीन समय में जिला सेनानी कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वे निर्धारित जनरल परेड में मौजूद क्यों नहीं थे और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई क्यों न की जाए।

नगर सैनिकों में नाराजगी, नियमों पर सवाल

नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में नगर सैनिकों में असंतोष देखा जा रहा है। कई जवानों का कहना है कि ड्यूटी शेड्यूल, सुरक्षा तैनाती और अन्य गतिविधियों के कारण कई बार समय पर परेड में पहुंचना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में बिना वास्तविक परिस्थितियों को सुने कार्रवाई करना उचित नहीं है।

कुछ जवानों ने यह भी कहा कि ब्रिटिश काल की यह परंपरा आज की आधुनिक कार्यप्रणाली और ड्यूटी सिस्टम से मेल नहीं खाती, इसलिए इसकी पुनर्समीक्षा की आवश्यकता है।

विभागीय कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के अनुसार जिला सेनानी कार्यालय सभी जवानों से स्पष्टीकरण लेने के बाद अगली कार्रवाई तय करेगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं इस पूरे विवाद से विभाग में हलचल तेज हो गई है।

आगे क्या?

नगर सैनिकों की बढ़ती आपत्ति और नियमों की प्रासंगिकता को लेकर विभाग अब इस मामले को संवेदनशीलता से देख रहा है। उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ अधिकारी पुराने नियमों की समीक्षा कर सकते हैं, ताकि व्यवस्था में सुधार के साथ जवानों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version