पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के सख्त निर्देश, जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कई विभागों की कार्यप्रगति परखी
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन अधिकार अधिनियम, एट्रोसिटी एक्ट, आदिवासी विकास योजनाएं एवं श्रम विभाग की योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। इस अवसर पर कलेक्टर बी.एस. उइके सहित जिले के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
वन भूमि पट्टों की समीक्षा, निरस्त प्रकरणों की पुनः जांच के निर्देश
आयोगाध्यक्ष ने वन विभाग से विकासखंडवार प्राप्त आवेदनों, निरस्त प्रकरणों और प्रदत्त पट्टों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आवेदनों को गलत आधार पर निरस्त किया गया है, उनकी पुनः जांच कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
श्री मंडावी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम जनजातीय समाज के ऐतिहासिक अधिकारों की पुनर्स्थापना का कानून है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एट्रोसिटी एक्ट में त्वरित कार्रवाई अनिवार्य
बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े एट्रोसिटी मामलों की पुलिस कार्रवाई की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयोगाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि— प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए, पीड़ितों को राहत राशि का निर्धारित समय में भुगतान किया जाए।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में देरी से जनविश्वास कमजोर होता है और इसकी जवाबदेही तय होगी।
आदिवासी विकास योजनाओं में 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश
आदिवासी विकास विभाग की योजनाओं जैसे— देवगुड़ी निर्माण, आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता, नेशनल डांस फेस्टिवल सहयोग, शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति योजना, रोजगार, राशन कार्ड वितरण, प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयोगाध्यक्ष ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के सभी भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे।
श्रमिक कल्याण योजनाओं के विस्तार पर जोर
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान श्री मंडावी ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुँचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, मातृत्व सहायता, उपकरण वितरण जैसी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। जहाँ पंजीकरण कम है, वहाँ विशेष अभियान चलाकर नए श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए।
मासिक प्रगति रिपोर्ट और मैदानी निगरानी के निर्देश
आयोगाध्यक्ष ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से आयोग को भेजी जाए, साथ ही मैदानी स्तर पर सतत निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
बैठक में खाद्य विभाग, क्रेड़ा, उद्यानिकी, आश्रम-छात्रावास एवं स्वरोजगार योजनाओं की भी जानकारी ली गई।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, नवीन भगत सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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