गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। किसानों की सुविधा बढ़ाने एवं कृषि कार्यो को सहज बनाने लगातार कृषि वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने एक सरल ऐप बनाया है। जिसे मोबाईल में देखकर खेती करना और आसान हो जावेगा। किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण सामने आई है। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के विज्ञानियों ने एक ऐसा ऐप विकसित किया है, जो बोआई से लेकर कटाई तक फसल से संबंधित हर तरह की जानकारी मोबाईल पर उपलब्ध कराएगा। यह ऐप स्थान, भौगोलिक परिस्थिति और मौसम की जानकारी के आधार पर कार्य करेगा। विज्ञानियों की टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसे और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए इस ऐप का नाम सरल-ऐप रखा है। इसका ट्रायल अंतिम चरण में है और नए साल से यह देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले किसानों के लिए उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय के एग्रो मेट्रोलाजी विभाग के प्राध्यापक के निर्देशन में मृदा विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और शस्य विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर की टीम ने सरल ऐप तैयार कर लिया है। डा. बताते है कि अभी तक गूगल ऐप समेत कई माध्यम से किसानों को फसल और मौसम की जानकारी सामन्यता मिल ही जाती है, लेकिन सरल ऐप पूरी तरह सटीक होगा। यह किसी किसान को सिर्फ उसी को फसल, स्थान और वहां के मौसम के बारे में पूरी विस्तृत जानकारी बताने में सक्षम होगा। डा. के मुताबिक हर क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितयां, मौसम का प्रभाव व खेत की उर्वरा स्थिति अलग अलग होती है। हर खेत की सेहत अलग होती है। ऐसे में अभी तक कोई ऐप ऐसा नहीं था जो हर खेत, उसमें उगाई जा रही फसल, मौसम और उस फसल की सेहत जानकर उसकी उत्पादकता की भी जानकारी किसान को दे सकता हो। नया ऐप किसान को बताएगा कि कब खाद डाली है, कब दवा आदि का छिड़काव करना है और कटाई कब कर लेनी है। ऐप के अनुसार काम करने पर अंत में यह भी किसान को पता चल सकेगा कि जिस तरह ऐप के मार्गदर्शन में वह खेती कर रहा है उससे उसे कितनी फसल प्राप्त हो जाएगी। डा. बताते है कि इसमें नासा का डाटा उपलब्ध होगा। इसके साथ ही एआई और जीपीएस सिस्टम भी शामिल रहेगा। जीपीएस सिस्टम किसान के खेत की लोकेशन को पहचानने में मदद करेगा। नासा का सर्वर मौजूदा मौसम का डाटा देगा और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान प्राप्त होगा। इन सभी सूचनाओं के आधार पर ऐप किसान को बताएगा कि अच्छी उपज के लिए उसे कब क्या करना है। हर पांचवेंदिन यह अपडेट किसान को घर बैठे ही प्राप्त होगा।


