कौन हैं जनरल डेनियल केन और क्यों है उनका खौफ?
जनरल डेनियल केन वर्तमान में अमेरिकी Joint Chiefs of Staff के 22वें चेयरमैन हैं। उन्हें ट्रंप का सबसे भरोसेमंद सैन्य सलाहकार माना जाता है। केन का नाम विशेष रूप से ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ (Operation Midnight Hammer) से जुड़ा है। यह वही मिशन था जिसके तहत जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों (फोर्डो, नतांज और इस्फहान) पर भीषण हवाई हमले किए थे।
केन की विशेषज्ञता ‘स्पेशल एक्सेस प्रोग्राम’ और ‘डीसेप्शन ऑपरेशन्स’ में रही है। जून 2025 के हमले में उन्होंने 125 से अधिक विमानों और B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर ईरानी रडार सिस्टम को चकमा दिया था। किरियाकोऊ का दावा है कि ट्रंप ने ईरान को जो 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है, वह केवल एक ‘रणनीतिक झांसा’ हो सकता है और हमला उससे पहले भी हो सकता है।
“राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है—ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो उसे उस ताकत का सामना करना पड़ेगा जिसे दुनिया ने आज तक नहीं देखा है।”
— पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा सचिव (पेंटागन ब्रीफिंग के दौरान)
क्या ‘मिडनाइट हैमर 2.0’ की तैयारी है?
हालिया अमेरिका ने मध्य पूर्व (Middle East) में अपने 30,000 से 40,000 सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है। कतर के अल उदेद (Al Udeid) एयर बेस से सैनिकों की आवाजाही और बहरीन में 5वें बेड़े की सक्रियता किसी बड़े ऑपरेशन की ओर इशारा कर रही है।
आम जनता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इसके मायने गंभीर हैं:
- कच्चे तेल की कीमतें: युद्ध की स्थिति में वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
- भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
- साइबर युद्ध: ईरान की ओर से अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले की चेतावनी दी गई है।
There is no ads to display, Please add some
