CG: गरियाबंद से राजधानी तक गूंजा किसानों का दर्द – महासमुंद लोकसभा अध्यक्ष महेश यादव के दिशा-निर्देश पर AAP ने सौंपी मांगों की चार्टर
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद से राजधानी तक गूंजा किसानों का दर्द – महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण अंचलों में जंगली हाथियों का आतंक अब जनजीवन के लिए असहनीय होता जा रहा है। बीते वर्षों में हाथियों के दल की बढ़ती आवाजाही ने हजारों किसानों को तबाही के कगार पर ला दिया है। खेतों में पकी खड़ी फसलें रौंद दी जाती हैं, मवेशी मारे जाते हैं, कच्चे-पक्के घर तोड़े जाते हैं और कई बार मासूमों की जान भी चली जाती है। लेकिन सरकारी मुआवज़ा और सुरक्षा के वादे सिर्फ कागज़ों में सीमित रह जाते हैं।

इसी गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) गरियाबंद ने महासमुंद लोकसभा अध्यक्ष महेश यादव के दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने हाथियों से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत दिलाने के लिए चार प्रमुख मांगे रखीं, जिसे लेकर किसानों में नई उम्मीद जगी है।
AAP की चार मांगें – किसानों के लिए संजीवनी
- फसलों का तत्काल मुआवज़ा मिले – हाथियों द्वारा बर्बाद की गई फसलों का मुआवज़ा महीनों बाद नहीं, तत्काल दिया जाए, ताकि किसानों का गुजर-बसर और आगामी फसल चक्र प्रभावित न हो।
- मुआवज़ा दर पारदर्शी हो – प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान के बाजार मूल्य के आधार पर मुआवज़ा निर्धारित किया जाए। वर्तमान मुआवज़ा राशि किसानों की लागत और नुकसान के अनुपात में नगण्य है।
- फसल बीमा प्रीमियम सरकार दे – प्राकृतिक आपदा और हाथियों से नुकसान को देखते हुए फसल बीमा का प्रीमियम राज्य सरकार वहन करे, ताकि किसानों पर दोहरी मार न पड़े।
- सुरक्षा के ठोस इंतज़ाम हों – वन, राजस्व और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सौर फेंसिंग, अलार्म सिस्टम, रात्रिकालीन गश्त जैसे उपाय तत्काल लागू हों। गांवों के आसपास हाथियों की निगरानी के लिए वन अमला तैनात किया जाए।
जिला अध्यक्ष चमन यादव का हमला – ‘दिखावटी कार्रवाई नहीं, स्थायी समाधान चाहिए’
AAP गरियाबंद के जिला अध्यक्ष चमन यादव ने कहा,- “पिछली सरकारों ने इस समस्या को हमेशा नज़रअंदाज़ किया। आज भी किसान मुआवज़े और सुरक्षा के लिए तहसील-दर-तहसील भटकते हैं। हर साल हजारों एकड़ फसल हाथी बर्बाद कर देते हैं, मवेशी और इंसान मारे जाते हैं। लेकिन प्रशासन और सरकार सिर्फ सर्वे और खानापूर्ति में व्यस्त रहते हैं। अब सिर्फ दिखावटी कार्रवाई नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो पार्टी बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
‘ग्रामीणों की रातें डर के साये में कटती हैं’
ज्ञापन सौंपने पहुंचे महेश यादव (लोकसभा अध्यक्ष AAP), हरीश कुमार पटेल (जिलाध्यक्ष यूथ), नंदलाल यादव (तहसील अध्यक्ष छूरा) समेत पदाधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद, छुरा, फिंगेश्वर, मैनपुर और आसपास के गांवों में ग्रामीणों की रातें डर के साये में कटती हैं। कई गांवों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे रातभर खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन फिर भी हाथियों का झुंड फसलों को चुटकियों में तबाह कर देता है।
महेश यादव ने कहा, – “यह सिर्फ किसानों का नहीं, पूरे प्रदेश का मुद्दा है। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के लाखों किसान आज इस समस्या से त्रस्त हैं। यदि सरकार ने तुरंत ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई, तो आम आदमी पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।”
मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भेजी प्रतिलिपि, जल्द सुनवाई की उम्मीद
आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और वन मंत्री को भी भेजी है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता दिखाएगी और किसानों, ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए तत्काल बजट जारी कर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
विश्लेषण
वर्षों से हाथियों का आतंक महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्रामीण समस्या बन चुका है। सरकारें आती-जाती रहीं, सर्वे होते रहे, मुआवज़े की फाइलें चलती रहीं, लेकिन जमीन पर कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। AAP का यह ज्ञापन क्या किसानों को राहत दिलाएगा या फिर यह भी अन्य ज्ञापनों की तरह फाइलों में दब जाएगा – यह देखने वाली बात होगी।